सांसद बजरंग सोनवणे का दावा, बेटे को फंसाने की साजिश जेल से रची गई
विलास घुले हत्या मामले में सांसद बजरंग सोनवणे ने वाल्मिक कराड और सुग्रीव कराड पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बीड के केज तालुका के विलास घुले हत्या मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सांसद बजरंग सोनवणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर वाल्मिक कराड और सुग्रीव कराड पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि उनके बेटे सौरभ सोनवणे को इस मामले में फंसाने के लिए साजिश रची गई। अपने आरोपों के समर्थन में सोनवणे ने पत्रकारों को एक ऑडियो क्लिप भी सुनाई।
सोनवणे के दावे के मुताबिक वाल्मिक कराड ने जेल से सुग्रीव कराड को फोन किया। उन्होंने सौरभ सोनवणे को विलास घुले हत्या मामले में फंसाने की कोशिश करने को कहा। सोनवणे ने यह भी दावा किया कि लाश को पुलिस थाने के सामने रखने, पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन करने और रास्ता रोको करने के लिए कहा गया था।
इस बातचीत की ऑडियो क्लिप सोनवणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनाई। उन्होंने मांग की है कि रिकॉर्डिंग असली है या नहीं, यह जांचने के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाए।
सोनवणे ने बताया कि विलास घुले की हत्या की शुरुआती एफआईआर में उनके बेटे का नाम नहीं था। बाद में पूरक बयान में सौरभ सोनवणे का नाम आया, इस पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने फिर साफ कहा कि उनके बेटे का इस हत्या से कोई संबंध नहीं है। इससे पहले भी वे कह चुके हैं कि अगर बेटे का हाथ साबित हुआ तो वे उसे खुद पुलिस के हवाले कर देंगे।
इस मामले में एसआईटी ने सौरभ सोनवणे से पूछताछ भी की थी। सोनवणे के नए आरोपों से मामले की राजनीतिक और जांच की चर्चा फिर तेज हो गई है।
सोनवणे ने बीड जेल प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने जेल से मोबाइल और सिम के इस्तेमाल की जांच की मांग की है। साथ ही इस पूरे मामले की कथित कॉल रिकॉर्डिंग, जेल के भीतर की गतिविधियों और बेटे का नाम पूरक बयान में कैसे आया, इसकी भी जांच होनी चाहिए, ऐसी उनकी मांग है।
सोनवणे के आरोपों से राज्य में हलचल मच गई है। कथित ऑडियो क्लिप सही है या नहीं और उसमें आवाज किसकी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह पुष्टि होने के बाद ही इन दावों पर कोई अंतिम नतीजा निकल सकता है। अब नजर इस पर है कि जांच एजेंसियां इन आरोपों को किस तरह देखती हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।