बीड में FDA की छापेमारी, गुटखा जब्त; नियम तोड़ने वाले चाय सेंटर का लाइसेंस सस्पेंड
बीड शहर में अन्न व औषध प्रशासन ने 24 सितंबर को दो जगह कार्रवाई कर प्रतिबंधित गुटखा और पानमसाला जब्त किया।
बीड शहर में अन्न व औषध प्रशासन ने प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ बेचने वालों और साफ-सफाई व सुरक्षा के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 24 सितंबर को शहर में दो जगह कार्रवाई हुई। इसमें प्रतिबंधित गुटखा और पानमसाला जब्त किया गया। संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ शहर पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं।
इसी बीच जालना रोड पर एक चाय-नाश्ता सेंटर में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके चलते उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है।
पहली कार्रवाई बशीरगंज के जमील पान सेंटर पर हुई। गोपनीय जानकारी के आधार पर वहां छापा मारा गया। जांच में प्रतिबंधित गोवा और बाओबाजी पानमसाले के साथ 5 हजार 608 रुपये का गुटखा और पानमसाला मिला। इस मामले में पान टपरी चलाने वाले सैयद मुशरत अली सैयद हमीद अली और विक्रेता शेख तोहिद अफसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उसी दिन जिला अस्पताल के सामने कमान के पास चाय और भजी के ठेले की भी जांच की गई। वहां खाकी रंग के पुट्ठे के डिब्बे में अलग-अलग कंपनियों का प्रतिबंधित गुटखा मिला। ठेला चलाने वाले शेख माजेद शेख खालेद के खिलाफ बीड शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है।
जालना रोड के चाय-नाश्ता सेंटर के बारे में बताया गया है कि 27 जुलाई को बीड शहर के साठे चौक में मे. अप्पा चहा नाश्ता सेंटर की जांच की गई थी। वहां चूहों से बचाव का कोई इंतजाम नहीं था। कीट और पानी की जांच की रिपोर्ट भी नहीं थी। बर्तन धोने की जगह पर ही खाना पकाया जा रहा था। नॉन-फूड ग्रेड थैलियों और अखबार के कागज का इस्तेमाल हो रहा था, गैरकानूनी कृत्रिम रंग इस्तेमाल किए जा रहे थे और कामगार तंबाकू का सेवन कर रहे थे। इन खामियों के कारण अन्न सुरक्षा व मानक कानून के तहत इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस फौरन सस्पेंड कर दिया गया।
प्रशासन के मुताबिक प्रतिबंधित गुटखा और पानमसाला बेचने वालों के खिलाफ बीड शहर के साथ पूरे जिले में जांच और कार्रवाई की मुहिम जारी रहेगी। लोगों की सेहत को खतरा पहुंचाने वाले प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
होटल, चाय-नाश्ता केंद्र और खाने-पीने की चीजें बेचने की हर जगह पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्न सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी है। नियम तोड़ने या सेहत के लिए खतरा बनने वाली खामियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।