भुवनेश्वर में अर्बन मोबिलिटी इंडिया का 19वां सम्मेलन शुरू, तोखन साहू ने किया उद्घाटन
ओडिशा की राजधानी में शुरू हुए सम्मेलन में महामेट्रो का स्टॉल खास आकर्षण रहा, जहां मंत्रियों ने ई-स्कूट चलाकर देखा।
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भुवनेश्वर (ओडिशा) में आज 19वें 'अर्बन मोबिलिटी इंडिया' (UMI) सम्मेलन की शुरुआत हुई। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने इसका उद्घाटन किया। इस बार सम्मेलन की थीम 'अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज' (Urban Accessibility and Livability in the Digital Age) रखी गई है।
उद्घाटन के मौके पर ओडिशा के आवासन, शहरी विकास एवं सार्वजनिक नीति मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र मौजूद थे। उनके साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येंद्र सिंह, ओडिशा सरकार की मुख्य सचिव अनु गर्ग और आवासन एवं शहरी विकास विभाग की प्रधान सचिव उषा पाढ़ी भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
सम्मेलन के दौरान तोखन साहू और डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र महामेट्रो के स्टॉल पर पहुंचे और उसका उद्घाटन किया। महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने दोनों मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने स्टॉल पर लगी अलग-अलग पहलों के बारे में पूरी जानकारी भी दी।
महामेट्रो ने इस प्रदर्शनी में दिखाया कि डिजिटल नवाचार के जरिए शहर में आना-जाना कैसे आसान और तेज बनाया जा रहा है। स्टॉल पर छह चीजें खास तौर पर रखी गई थीं।
पहली, डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड (Digital Project Management Dashboard), जिससे प्रोजेक्ट का काम तेजी से और पारदर्शी तरीके से चले, इसके लिए रियल-टाइम कंट्रोल मिलता है। दूसरी, परिचालन एवं अनुरक्षण डिजिटल रूपांतरण (O&M Digital Transformation), यानी मेट्रो के रोज के संचालन और रखरखाव में आधुनिक डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल। तीसरी, डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड (Digital Eye & Mastermind), जो सुरक्षा और सटीक निगरानी के लिए उन्नत तकनीक को साथ जोड़ती है।
चौथी, सीमलेस 'वन ऐप' जर्नी (Seamless 'One App' Journey), जिसमें यात्री को टिकट बुकिंग से लेकर पूरे सफर तक एक ही जगह डिजिटल सुविधा मिलती है। पांचवीं, स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी (Smart & Connected Mobility), जिसका मकसद आखिरी छोर (लास्ट-माईल) तक बिना रुकावट पहुंचना है। छठी, सोशल मीडिया एंगेजमेंट (Social Media Engagement), जिसके जरिए यात्रियों से सीधी बातचीत होती है और जरूरी सूचनाएं तुरंत पहुंचती हैं।
स्टॉल पर सबसे ज्यादा नजरें 'ई-स्कूट' (e-scoot) पर टिकीं। तोखन साहू और डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र ने खुद इसे चलाकर देखा और महामेट्रो की इस पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और डिजिटल पहल की खुलकर तारीफ की। 'फर्स्ट एंड लास्ट माईल कनेक्टिविटी' के लिए यह सेवा पुणे शहर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई थी, और वहां के लोगों से इसे बढ़िया रिस्पॉन्स मिल रहा है।
उद्घाटन भाषण में तोखन साहू ने देश में मेट्रो नेटवर्क के तेजी से फैलने की बात रखी। उन्होंने कहा, "भारत के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं और प्रतिदिन 1.25 करोड़ से अधिक नागरिक मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं।" उनका कहना था कि डिजिटल परिवहन व्यवस्था और आधुनिक तकनीकों के मेल से शहर में आना-जाना ज्यादा आसान और तेज हुआ है, और इससे लोगों के जीवन स्तर में खासा सुधार आया है।
केंद्रीय सचिव सत्येंद्र सिंह ने परिवहन से जुड़े एक अहम सर्वे का जिक्र किया। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच देश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था पर यह गहरा सर्वे कराया गया था। सर्वे के नतीजों के मुताबिक देश भर में कुल यात्रियों में से 52 प्रतिशत लोग दोपहिया (टू-व्हीलर) वाहन इस्तेमाल करते हैं। सत्येंद्र सिंह ने कहा कि दोपहिया चलाने वालों के इतने बड़े तबके के लिए ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
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