पुणे मेट्रो के तीन विस्तार मार्गों के लिए राज्य सरकार ने 180 करोड़ रुपये मंजूर किए
राज्य सरकार ने 2026-27 में स्वारगेट-कात्रज, वनाज-चांदणी चौक और रामवाडी-वाघोली मेट्रो मार्गों के लिए 180 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में पुणे मेट्रो के तीन विस्तार प्रोजेक्ट के लिए 180 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। यह पैसा स्वारगेट-कात्रज, वनाज-चांदणी चौक और रामवाडी-वाघोली मार्गों के लिए दिया जाएगा। इससे इन प्रोजेक्ट के निर्माण को रफ्तार मिलेगी और पुणे व पिंपरी-चिंचवड इलाके की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी।
इस रकम का सबसे बड़ा हिस्सा स्वारगेट-कात्रज मार्ग को मिलेगा। यह मार्ग पूरी तरह भूमिगत है और इसे महामेट्रो बना रही है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये भागभांडवल (शेयर कैपिटल) के तौर पर और 80 करोड़ रुपये बिना ब्याज के गौण कर्ज के रूप में दिए जाएंगे। इस मार्ग की मंजूर प्रोजेक्ट लागत 2,955 करोड़ रुपये है।
राज्य सरकार ने स्वारगेट-कात्रज के लिए कुल 398 करोड़ रुपये का भागभांडवल देना तय किया है। नया फंड मिलने के बाद इस मार्ग के लिए दिया गया भागभांडवल 200 करोड़ रुपये हो जाएगा। इससे पहले अगस्त 2025 में 60 करोड़ और दिसंबर 2025 में 40 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
इसके अलावा राज्य ने इस मार्ग के लिए 322 करोड़ रुपये का गौण कर्ज मंजूर किया है। नई किस्त के बाद इसमें से 160 करोड़ रुपये दिए जा चुके होंगे। मुख्य प्रोजेक्ट कर्ज की अदायगी हो जाने के बाद महामेट्रो को यह गौण कर्ज एक साथ लौटाना होगा।
वनाज-चांदणी चौक और रामवाडी-वाघोली, इन दोनों विस्तार मार्गों के लिए मिलाकर 20 करोड़ रुपये का भागभांडवल मंजूर हुआ है। दोनों मार्गों की कुल लंबाई 12.75 किलोमीटर है और इन पर 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनसे चांदणी चौक, कोथरूड, खराडी और वाघोली इलाकों में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
इन दोनों प्रोजेक्ट की संशोधित मंजूर लागत 3,626 करोड़ रुपये है, जिसके लिए राज्य सरकार ने 480 करोड़ रुपये का भागभांडवल देना मान लिया है। 19 जून 2026 को 60 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। नई रकम मिलने के बाद कुल दिया गया भागभांडवल 80 करोड़ रुपये हो जाएगा।
महामेट्रो को यह भी निर्देश दिया गया है कि केंद्र, राज्य और पुणे महापालिका से मिलने वाले फंड का हिसाब अलग-अलग रखे। नए फंड की वजह से मेट्रो शुरू होने के तय शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होगा। मेट्रो असल में कब चालू होगी, यह तारीख निर्माण की प्रगति, आगे मिलने वाले फंड और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।