पुणे मेट्रो अब भीड़ के वक्त हर 5 मिनट में, महामेट्रो ने बढ़ाए फेरे
महामेट्रो ने पीक आवर्स में पुणे मेट्रो हर 5 मिनट पर चलाने का फैसला किया है। जरूरत पड़ी तो फेरे हर 4 मिनट पर भी होंगे।
पुणे में मेट्रो के यात्री रोज बढ़ रहे हैं और स्टेशनों पर लाइनें लग रही हैं। इसे देखते हुए महामेट्रो प्रशासन ने राहत देने वाला फैसला लिया है। पीक आवर्स यानी भीड़ के वक्त अब मेट्रो हर 5 मिनट में चलेगी, ताकि यात्रियों का सफर आसान हो।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर यह अंतर और घटाकर हर 4 मिनट में ट्रेन चलाने की तैयारी है। महामेट्रो के इस फैसले से रोज सफर करने वाले लाखों पुणेकरों को बड़ी राहत मिलेगी।
सितंबर महीने में पुणे मेट्रो की दोनों लाइनों पर मिलाकर 93.58 लाख यात्रियों ने सफर किया। एक महीने में यह अब तक की सबसे ज्यादा यात्री संख्या है। सितंबर में रोजाना के यात्रियों का औसत 3.1 लाख तक पहुंच गया था। प्रशासन का कहना है कि गणेशोत्सव की भीड़ से यह आंकड़ा बढ़ा, लेकिन सूत्रों ने माना है कि रोज के यात्रियों की संख्या में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
आने वाले कुछ दिनों में शिवाजीनगर से हिंजवडी के नए मेट्रो रूट पर सेवा शुरू होने की संभावना है। अंदाजा है कि यह रूट चालू होने के बाद पुणे मेट्रो में करीब 50,000 यात्री और जुड़ेंगे।
महामेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रावण हर्डीकर ने कहा, "मेट्रो की भीड़ कम करने के लिए प्रशासन लगातार उपाय कर रहा है। नया रूट शुरू हो रहा है और नेटवर्क बढ़ रहा है, इसलिए आगे बढ़ने वाली भीड़ से निपटने के लिए नई गाड़ियां भी खरीदी जा रही हैं।"
अभी शहर में वनाज से रामवाडी और स्वारगेट से पीसीएमसी, ये दो रूट चालू हैं। यात्री इन रूटों पर भीड़ के वक्त 6 डिब्बों की मेट्रो चलाने की जोरदार मांग कर रहे हैं। शिवाजीनगर के रहने वाले आदित्य काळे ने सुझाव दिया, "शुरुआत में कम से कम पीक आवर्स में तो 6 डिब्बों की मेट्रो चलाई जाए, ताकि यात्रियों को बैठने की पूरी जगह मिले और सफर आसान हो। सभी स्टेशनों के प्लैटफॉर्म 6 डिब्बों की ट्रेन के लायक हैं, इसलिए इसमें कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है।"
इस पर मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि 6 कोच की ट्रेन चलाने की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार है और उसे आखिरी मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। फिलहाल अस्थायी उपाय के तौर पर हर 3 से 4 मिनट के अंतर पर ज्यादा फेरे चलाने को उनकी प्राथमिकता है। अधिकारियों ने साफ किया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही अगले चरण में 6 डिब्बों की मेट्रो असल में पटरी पर उतारी जाएगी।