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भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में महाराष्ट्र के ऊर्जा पवेलियन को खूब सराहना

कारोबार PT24 टीम

दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक चले समिट में महाराष्ट्र फोकस स्टेट रहा और चारों सरकारी बिजली कंपनियों के संयुक्त स्टॉल को आने वालों ने पसंद किया।

नई दिल्ली, 5 नवंबर: 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट-2026' में महाराष्ट्र के ऊर्जा पवेलियन को आने वालों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह समिट भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक आयोजित हुआ। इसमें महाराष्ट्र 'फोकस स्टेट' के तौर पर शामिल हुआ है। इस पवेलियन में राज्य के ऐतिहासिक किलों की पहचान और हरित ऊर्जा की तरफ महाराष्ट्र का बढ़ता सफर, दोनों एक साथ दिखाए गए हैं। राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की महत्वाकांक्षी योजनाएँ और आधुनिक तकनीक पर आधारित उपक्रम लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

इसी समिट में केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और संबंधित मंत्रियों की मौजूदगी में ऐलान किया कि नवीकरणीय ऊर्जा के मामले में महाराष्ट्र गुजरात के बाद देश में दूसरे नंबर पर है। इस वजह से महाराष्ट्र के ऊर्जा पवेलियन की प्रस्तुति की अहमियत और बढ़ गई है।

यह प्रदर्शनी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में और ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला की अगुवाई में लगाई गई है। पवेलियन महावितरण, महापारेषण, महानिर्मिती और महाऊर्जा, इन चारों बिजली कंपनियों ने मिलकर बनाया है। यहाँ प्रमुख योजनाओं, प्रोजेक्ट और नए तरह के उपक्रमों की जानकारी रखी गई है। इसकी तैयारी महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, महापारेषण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विक्रम कुमार, महानिर्मिती के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. राधाकृष्णन बी. और महाऊर्जा के महानिदेशक ओमप्रकाश बकोरिया के मार्गदर्शन में हुई।

पवेलियन का 'इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी ज़ोन' आने वालों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। इसके जरिए घाटघर पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजना, मुख्यमंत्री सौर कृषिवाहिनी योजना 2.0, जो मांगे उसे सौर कृषिपंप योजना और सिन्नर सौर ऊर्जा परियोजना की आभासी सैर की जा सकती है। इसके अलावा दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव डिजिटल माध्यमों से चारों कंपनियों का काम समझाया गया है। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डिज़ाइन, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और जानकारी की आसान पेशकश की वजह से पवेलियन पर लोगों की नज़र टिक रही है। पवेलियन में लगे 'सेल्फी बूथ' को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

राज्य की ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र, महानिर्मिती के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. राधाकृष्णन बी. और महाऊर्जा के महानिदेशक ओमप्रकाश बकोरिया ने पवेलियन का दौरा किया और प्रस्तुति पर संतोष जताया। महाराष्ट्र के पवेलियन की बेहतरीन सोच को ज़मीन पर उतारने के लिए लोकेश चंद्रा ने राज्य की चारों बिजली कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों की तारीफ की।

राजस्थान ऊर्जा विकास आईटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद नकाते और अलग-अलग राज्यों के ऊर्जा विभागों के वरिष्ठ प्रबंधन और अधिकारियों ने भी महाराष्ट्र पवेलियन में आकर योजनाओं और कामकाज के तरीके की जानकारी ली। महावितरण के निदेशक (वाणिज्य) योगेश गडकरी, महानिर्मिती के निदेशक अभय हरणे, निदेशक (परियोजना) राजेश पाटील, कार्यकारी निदेशक (सौर) गिरीश कुमारवार, महापारेषण के निदेशक (संचालन) सतीश चव्हाण और महाराष्ट्र राज्य भार प्रेषण केंद्र के कार्यकारी निदेशक शशांक जेवळीकर भी पवेलियन देखने पहुँचे। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के उपक्रमों की जानकारी ली और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की तारीफ की।

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