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23:24 IST

भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट: मोदी ने विश्व नेताओं का स्वागत किया, नई दिल्ली घोषणापत्र मंजूर

नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही 18वीं ब्रिक्स शिखर परिषद के दूसरे और आखिरी दिन पीएम मोदी ने विदेशी मेहमानों का स्वागत किया और सभी नेताओं की फैमिली फोटो खिंचवाई गई।

भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट: मोदी ने विश्व नेताओं का स्वागत किया, नई दिल्ली घोषणापत्र मंजूर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रही 18वीं ब्रिक्स समिट अब अपने दूसरे और आखिरी चरण में पहुंच गई है। दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के नेता एक ही छत के नीचे इकट्ठा हुए हैं। समिट के दूसरे दिन सुबह पीएम नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचे और सभी इंटरनेशनल गेस्ट और वर्ल्ड लीडर्स का बड़े अपनेपन से स्वागत किया। इसके बाद सभी देशों के राष्ट्रप्रमुखों की साथ में फैमिली फोटो खिंचवाई गई, फिर आगे की मुख्य बैठक शुरू हुई।

इस दो दिन की समिट के पहले ही दिन भारत ने अपनी कूटनीति दिखाते हुए 'नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' सर्वसम्मति से पास करवा लिया था। दुनिया भर में बढ़ते विवाद और युद्ध जैसे हालात सिर्फ बातचीत, शांतिपूर्ण चर्चा और डिप्लोमैटिक तरीकों से ही सुलझाए जा सकते हैं, भारत की इस बात को रूस, चीन, ब्राजील और साउथ अफ्रीका सहित सभी मेंबर देशों ने पूरा समर्थन दिया। इस समिट से ग्लोबल पॉलिटिक्स में भारत की पोजीशन और ग्लोबल साउथ की लीडरशिप करने की उसकी काबिलियत और मजबूत हुई है।

ब्रिक्स के मुख्य मेजबान के तौर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने दुनिया को साफ संदेश दिया। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स कोई एक खास देश या गुट के खिलाफ बनाया गया गठबंधन नहीं है। बल्कि यह संगठन ग्लोबल फैसलों, इंटरनेशनल संस्थाओं और आर्थिक नीतियों में डेवलपिंग नेशंस और ग्लोबल साउथ की आवाज को और बुलंद और असरदार बनाने के लिए काम करता है।

समिट में मौजूद रूस और ईरान के प्रमुखों ने मौजूदा ग्लोबल इकोनॉमिक हालात में अल्टरनेटिव इकोनॉमी और लोकल करेंसी में व्यापार पर खास जोर दिया। पश्चिमी देशों के आर्थिक दबाव की परवाह किए बिना विकासशील देश आपस में सहयोग करके आत्मनिर्भर बनें, ऐसी बात इस बैठक में उठी। भारत ने जो सर्वसमावेशी विकास की बात रखी, उसे सबने मान लिया।

इतने बड़े पैमाने पर वीआईपी डेलिगेट्स दिल्ली में इकट्ठा होने की वजह से सिक्योरिटी के मामले में पहले कभी न हुई ऐसी व्यवस्था की गई है। भारत मंडपम और आसपास का पूरा इलाका छावनी जैसा बन गया है, जहां एनएसजी, केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स और दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमें 24 घंटे तैनात हैं।

विदेशी मेहमानों के सेफ और बिना रुकावट सफर के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने खास प्लान बनाया है। राजधानी की करीब 22 अहम जगहों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है, और 35 से ज्यादा मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा रहा है। इससे आम लोगों को कुछ हद तक दिक्कत हो रही है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज बढ़ाने वाली इस समिट को कामयाब बनाने के लिए दिल्लीवालों ने भी सहयोग की भूमिका निभाई है।

पहले दिन जारी हुए घोषणापत्र ने ग्लोबल डिप्लोमेसी पर अपनी छाप छोड़ी है। इसमें यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार की जोरदार मांग की गई है। इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों की एकजुट लड़ाई, डब्ल्यूटीओ के नियम सबके लिए बराबर रखना और क्लाइमेट चेंज के संकट में विकासशील देशों को आर्थिक मदद देना, इन सारे गंभीर मुद्दों पर सभी ब्रिक्स देशों ने एकमत होकर दस्तखत किए हैं। आज दूसरे दिन ब्रिक्स देशों के नेता ग्लोबल इकॉनमी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एनर्जी सिक्योरिटी पर विस्तार से चर्चा करके इस ऐतिहासिक समिट का कामयाबी से समापन करेंगे।

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