मेघना गुलजार बोलीं, मेरी कामयाबी और नाकामी सिर्फ मेरी अपनी है, बचपन की यादें भी शेयर कीं
डायरेक्टर मेघना गुलजार ने अपने बचपन से लेकर आने वाली फिल्म दायरा तक के सफर की बात की, पैरेंट्स के अलग होने और गुलजार सरनेम को लेकर भी खुलकर बोलीं
मशहूर डायरेक्टर मेघना गुलजार ने अपने बचपन से लेकर आने वाली फिल्म दायरा की मेकिंग तक का पूरा सफर एक इंटरव्यू में शेयर किया है। पैरेंट्स के अलग होने से लेकर गुलजार सरनेम के बोझ और बॉक्स ऑफिस के गणित तक, उन्होंने हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
मशहूर गीतकार गुलजार और एक्ट्रेस राखी की बेटी मेघना ने बचपन में कत्थक, सितार, कराटे, बैले और पेंटिंग सीखी थी। उन्होंने बताया कि उनके मां-बाप भले अलग हो गए थे, लेकिन दोनों ने बड़ी इज्जत के साथ अपनी जिंदगी जी और उन्हें कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वो टूटे हुए घर की बच्ची हैं। स्कूल के हर फंक्शन में दोनों हमेशा मौजूद रहते थे। मेघना ने कहा कि उन्हें गुलजार सरनेम पर दिल से गर्व है, लेकिन उन्हें सिर्फ उसी नजरिए से देखा जाना पसंद नहीं है। उनका कहना है कि उनकी कामयाबी और नाकामी पूरी तरह से उनकी अपनी होनी चाहिए।
करियर की शुरुआत में फिलहाल के बाद कुछ फिल्में फ्लॉप होने के बाद मेघना ने डायरेक्शन से दूरी बना ली थी। लेकिन मशहूर डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने उन्हें मां बनने के बाद घर बैठने के बजाय तलवार फिल्म डायरेक्ट करने की कीमती सलाह दी। इस फिल्म ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
अपनी आने वाली फिल्म दायरा को लेकर मेघना ने साफ किया कि यह फिल्म किसी एक घटना पर बेस्ड नहीं है, बल्कि समाज में होने वाली कई सच्ची घटनाओं का मिला-जुला रूप है। साउथ के सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कलाकारों का भरोसा जीतना कितना जरूरी होता है।
इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मां-बाप के अलग होने के बावजूद उनकी परवरिश और प्यार में कभी कोई कमी नहीं रही। शुरुआती नाकामी के बाद डायरेक्शन से दूर रहते हुए विशाल भारद्वाज के कहने पर उन्होंने तलवार से जबरदस्त कमबैक किया। बॉक्स ऑफिस के गणित पर मेघना ने कहा कि सिर्फ कमर्शियल सक्सेस या कमाई के लिए वो कभी कहानी की असली भावना और ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगी।
उन्होंने अपने पिता गुलजार का योगदान भी गिनाया। मेघना के मुताबिक, गुलजार ने उनकी फिल्मों के लिए जो गाने लिखे हैं, वही उनका अब तक का सबसे बेहतरीन काम है। पिता के मार्गदर्शन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरी स्क्रिप्ट लिखने के बाद वो सबसे पहले अपने पापा को दिखाती हैं और उनसे ईमानदार फीडबैक लेती हैं।
इसके अलावा मेघना ने एक्ट्रेस कोंकणा सेन शर्मा की एक्टिंग की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोंकणा इतनी आसानी से एक्टिंग करती हैं जैसे यह बच्चों का खेल हो। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विनीत जैन जैसे प्रोड्यूसर, जो बिना डरे अहम कहानियां सामने लाते हैं, इंडस्ट्री में मिलना मुश्किल है।