फर्जी पुलिस अधिकारी ने 45 लाख से ठगा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
डिजीटल अरेस्ट का भय दिखाया, निवृत्त डब्ल्यूसीएल कर्मी शिकार
नागपुर.
साइबर ठगों पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग को 45 लाख 20 हजार रुपये का चूना लगा दिया. आरोपियों ने व्हॉट्सऐप कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी बताया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया. पीड़ित मानकापुर के रिंग रोड स्थित लहानोजी बाबा लेआउट के निवासी हैं. वे वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) से सेवानिवृत्त हैं. आरोपियों ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक फर्जी सिमकार्ड खरीदा गया है. इस सिम के जरिए लोगों को धमकाने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की बात कही गई. इतना ही नहीं उनके बैंक खाते से भी अवैध लेनदेन होने का दावा किया गया.
गिरफ्तारी का डर दिखाकर खाते में ट्रांसफर कराई रकम
आरोपियों ने बुजुर्ग को गिरफ्तारी से बचाने और बैंक खाते में जमा उनकी जीवनभर की कमाई सुरक्षित रखने का भरोसा दिलाया. पुलिस कार्रवाई का भय और कानूनी शिकंजे में फंसने की आशंका दिखाकर लगातार मानसिक दबाव में रखा गया. ठगों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में 45 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. रकम मिलते ही साइबर अपराधियों ने संपर्क तोड़ दिया.
साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला
अपने साथ हुई लाखों रुपये की धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबरों और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उनकी जांच कर रही है.
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