भद्रावती में थाईलैंड के करीब 110 भिक्खुओं की शांति संदेश धम्मयात्रा का स्वागत, विज्जासन गुफा पहुंची यात्रा
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चंद्रपुर की दीक्षाभूमि से 5 नवंबर को निकली 'शांती संदेश धम्मयात्रा 2026' भद्रावती पहुंची। थाईलैंड के करीब 110 भिक्खु इसमें शामिल थे। अगले दिन यात्रा संभाजीनगर रवाना हुई।
तथागत भगवान गौतम बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री, अहिंसा, समता और मानवकल्याण के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के मकसद से 'शांती संदेश धम्मयात्रा 2026' निकाली गई। यह यात्रा भद्रावती शहर पहुंची तो लोगों ने बड़े उत्साह से उसका स्वागत किया। इस अंतरराष्ट्रीय धम्मयात्रा में थाईलैंड के करीब 110 भिक्खु शामिल थे। उनके आने से भद्रावती की ऐतिहासिक विज्जासन बुद्ध गुफा का महत्व और बढ़ गया।
यात्रा की शुरुआत 5 नवंबर को सुबह 6 बजे चंद्रपुर की ऐतिहासिक दीक्षाभूमि से हुई। ऊर्जाग्राम (ताडाळी) में खाने और आराम के बाद ताडाळी पुल से पदयात्रा फिर शुरू हुई। सुमठाणा के ऑर्डनन्स फैक्टरी बुद्ध विहार और सम्राट अशोक चौक पर यात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद पदयात्रा चंद्रपुर-नागपुर मुख्य मार्ग से भद्रावती की ओर बढ़ी।
भद्रावती शहर में पहुंचने पर बाळासाहेब ठाकरे प्रवेशद्वार के पास यात्रा का स्वागत हुआ। यहां भदंत ज्ञानज्योती और उनका भिक्खु संघ भी यात्रा में शामिल हुआ। शहर के अलग-अलग चौकों में धम्मबांधव, उपासक-उपासिकाएं और आम नागरिक मौजूद थे। उन्होंने फूल बरसाकर और बुद्ध वंदना का जयघोष करते हुए भिक्खु संघ का स्वागत किया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पुतले के पास माल्यार्पण का कार्यक्रम हुआ, जिसके बाद यात्रा ऐतिहासिक विज्जासन बुद्ध गुफा पहुंची।
गुफा परिसर में भिक्खु संघ की मौजूदगी में धम्मदेशना और धार्मिक कार्यक्रम हुए। 6 नवंबर की सुबह भिक्खु संघ की चारिका (पिंडपात) संपन्न हुई। उसके बाद धम्मयात्रा संभाजीनगर (औरंगाबाद) के लिए रवाना हो गई।
इस धम्मयात्रा का आयोजन विज्जासन बुद्ध लेणी वर्षावास समिति, सम्राट अशोक वाचनालय, धम्मचक्र अनुवर्तन दिन सोहळा समिति, डॉ. आंबेडकर जयंती उत्सव समिति, जयभीम पंचविज्ञान, डॉ. आंबेडकर युथ क्लब और संविधान नागरिक संवर्धन कृती समिति ने मिलकर किया। भद्रावती शहर की सभी बुद्ध विहार समितियां भी आयोजन में साथ रहीं।
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