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11:22 IST

बारस्कर का आरोप: जरांगे अब टेंडर योद्धा, विखे पाटील ने दिए 5000 करोड़ के ठेके

अजय बारस्कर ने मुंबई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनोज जरांगे और राधाकृष्ण विखे पाटील पर आरोप लगाए। जरांगे ने 63 नाम सरकार को भेजने की बात कही।

बारस्कर का आरोप: जरांगे अब टेंडर योद्धा, विखे पाटील ने दिए 5000 करोड़ के ठेके तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अजय बारस्कर ने मुंबई में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनोज जरांगे और राधाकृष्ण विखे पाटील पर तीखे आरोप लगाए। बारस्कर का कहना है कि मनोज जरांगे अब संघर्ष योद्धा नहीं रहे, बल्कि टेंडर योद्धा बन गए हैं।

बारस्कर ने आरोप लगाया कि जरांगे की पत्नी के भाई विलास खेडकर रेत चोरी करते हैं। उनके मुताबिक जरांगे ने एक टोली बनाकर ठेके लेने का धंधा शुरू कर दिया है और किशोर बलांडे इस काम में उनके पार्टनर हैं। बलांडे ठेकेदार हैं, यह बात भी बारस्कर ने कही। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा ठेकेदार जरांगे के स्टेज पर कैसे पहुंचा।

बारस्कर ने संजय कटारे का नाम लेकर कहा कि वे जरांगे के अदृश्य हैं। उनका आरोप है कि कटारे ने मार्च 2023 में 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की रेत चोरी की। बारस्कर ने दावा किया कि इसके सबूत और कागजात उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि यह ठेकेदार ब्लैकलिस्ट में है और आईटीआई पास है, फिर भी उसे 14 करोड़ रुपये के काम मिलते हैं। उन्होंने पूछा कि उसने प्रोझोन क्रीम एरिया में प्लॉट कहां से लिया।

जमीन को लेकर भी बारस्कर ने आरोप लगाए। उनके मुताबिक जरांगे के सगे भतीजे स्वस्तिक ने बड़ी जमीन खरीदी है। बारस्कर ने कहा कि जरांगे बोलते हैं कि मराठों पर जमीन बेचने की नौबत आ गई है, लेकिन आंदोलन के नाम पर गद्दारी करके खून बहाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आपासाहेब कुढेकर के नाम पर 98 एकड़ जमीन खरीदी गई।

बारस्कर ने जरांगे की बंद कमरे वाली बात भी उठाई। उनके अनुसार जरांगे कहते थे कि वे बंद कमरे में चर्चा नहीं करते। बारस्कर ने पूछा कि फिर अशोक चव्हाण के साथ बंद कमरे में उन्होंने क्या बात की। उन्होंने यह भी पूछा कि जरांगे और विखे पाटील साथ थे तो मीडिया को बाहर क्यों निकाला गया और ऐसी क्या बात करनी थी। बारस्कर ने विखे पाटील के बारे में यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 5000 करोड़ रुपये के ठेके दिए।

उधर, मराठा समाज को आरक्षण मिले, इसके लिए मनोज जरांगे समय-समय पर आंदोलन और अनशन करते रहे हैं। इसी पर जरांगे ने अब अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मोडी लिपी पढ़ने और बनाने के लिए उन्होंने सरकार को 63 नाम भेजे हैं। जरांगे के मुताबिक सरकार को रिकॉर्ड नहीं मिल रहे थे, इसलिए उनके दिए नामों को अब पूरे अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे और समाज कभी पीछे नहीं हटेंगे।

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