बारामती में राणा सूर्यवंशी पर हमला: दो लाख की सुपारी का शक, दो गिरफ्तार
बारामती के कारोबारी राणा दिलीप सूर्यवंशी पर हुए हथियारबंद हमले की जांच में पुलिस को दो लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का शक है। दो लोग गिरफ्तार हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बारामती के उद्योगपति राणा दिलीप सूर्यवंशी पर हुए हथियारबंद हमले की जांच में पुलिस के सामने चौंकाने वाली जानकारी आई है। पुलिस को शक है कि सूर्यवंशी पर हमला करने के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में पार्थ वासुदेव अवथले (उम्र 19 साल) और ज्ञानदेव महादेव शिंदे (उम्र 50 साल) को गिरफ्तार किया गया है।
एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। इस घटना से बारामती और आसपास के कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है।
पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक, हमला 18 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े सात बजे पालखी महामार्ग पर पायलट ढाबे के सामने हुआ। इस मामले में लक्ष्मीकांत महादेव सूर्यवंशी की शिकायत पर 19 अक्टूबर को बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।
हमले के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। पुणे शहर पुलिस ने पार्थ अवथले और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। बाद में दोनों को पुणे ग्रामीण पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ और तकनीकी जांच से यह बात सामने आई कि ज्ञानदेव शिंदे ने हमले के लिए दो लाख रुपये दिए। इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने उन्हें 23 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
जांच की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सूर्यवंशी अपने काफिले के साथ बारामती इलाके में आए थे। तभी बाइक पर आए दो लोगों ने खुद को उनका फैन बताया और फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। इसी बहाने पास आए एक हमलावर ने पिस्तौल निकाल ली।
बताया गया है कि पिस्तौल जाम हो गई, इसलिए गोली नहीं चली। इसके बाद सूर्यवंशी ने विरोध किया तो हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर वार किया, ऐसा जांच में सामने आया है।
मौके पर मौजूद पुलिस बॉडीगार्ड ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। हाथापाई में एक आरोपी ने उसके हाथ में काट लिया और आरोपी फरार हो गए।
राणा सूर्यवंशी राणा शिपिंग कंपनी के मालिक हैं और उनका कारोबार महाराष्ट्र के साथ गोवा में भी फैला है। हमले की असली वजह क्या थी, दो लाख रुपये के लेन-देन का स्वरूप क्या था और इस जुर्म में किसी और का हाथ है या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। बारामती तालुका पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर नारायण पवार आगे की जांच संभाल रहे हैं।
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