कर्नाटक में अटका किसानों का प्याज पैसा, शरद पवार ने मुख्यमंत्री से की बात
बारामती के शेतकरियों का कर्नाटक की एपीएमसी में करोड़ों रुपया अटका, पवार ने सीएम शिवकुमार से फोन पर की सिफारिश
महाराष्ट्र के किसानों का कर्नाटक की एपीएमसी मंडियों में बैठे व्यापारियों के पास प्याज बेचने का 2 करोड़ 24 लाख 95 हजार 121 रुपया अटका पड़ा है। यह पैसा किसानों तक जल्दी पहुंचे, इसके लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने खुद पहल की है। पवार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को फोन कर किसानों का बकाया पेमेंट जल्द दिलाने के लिए जरूरी कार्रवाई करने की गुजारिश की।
यह मामला शिरूर तालुका के तांदळी गांव के किसानों नानासो बाबासो कळसकर, नवनाथ खशाबा थोरात, गोरख गणपत गदादे और गणेश गणपत गदादे से जुड़ा है। इन चारों ने कर्नाटक की एपीएमसी मंडी में प्याज बेचा था, लेकिन व्यापारियों के पास उनका 2,24,95,121 रुपया अब भी बकाया है। प्याज बेचने के बावजूद इतनी बड़ी रकम फंसे रहने से इन किसानों के सामने पैसों की तंगी खड़ी हो गई।
किसानों की इस परेशानी को देखते हुए कृषिभूषण प्रल्हाद वरे ने शरद पवार से मुलाकात की और उनसे मांग की कि कर्नाटक की एपीएमसी में फंसे किसानों के पैसे दिलाने के लिए वे बीच में पड़ें। पवार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को फोन लगाया। उन्होंने शिवकुमार को बताया कि महाराष्ट्र के किसानों का प्याज बेचने का पैसा कर्नाटक की एपीएमसी के व्यापारियों के पास अटका हुआ है और इन किसानों को उनका पैसा जल्द से जल्द मिले, इसके लिए जरूरी कदम उठाने की गुजारिश की।
इससे पहले हुई एक मुलाकात के दौरान पवार कर्नाटक के मुख्यमंत्री को अंग्रेजी में एक पत्र भी भेज चुके थे। इसी बीच नानासाहेब कळसकर और उनके साथी किसानों की बेंगळुरू की एपीएमसी मंडी में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मुलाकात हुई। इस दौरान कळसकर ने पवार का भेजा हुआ वह पत्र मुख्यमंत्री को दिखाया।
पत्र देखने और पूरी बात समझने के बाद शिवकुमार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा जल्द से जल्द दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि महाराष्ट्र से शरद पवार का इस मामले को लेकर फोन आया था।
प्याज की खेती में भारी खर्च और मुश्किल हालात में मेहनत करने वाले किसानों का करोड़ों रुपये का पेमेंट अटके रहना एक गंभीर बात है। पवार के हस्तक्षेप के बाद अब इस मामले में तेजी आने की उम्मीद है और किसानों को उम्मीद है कि व्यापारियों से उनका बकाया पैसा जल्द मिल जाएगा।
नानासाहेब कळसकर और उनके साथी किसानों ने कहा, "हमारी मेहनत के पैसों के लिए पवार साहब ने सीधे कर्नाटक के मुख्यमंत्री से बात की। इससे अब हमारा मसला सुलझने की उम्मीद बंधी है और अटका हुआ प्याज का पेमेंट जल्द मिल जाएगा।"