अजित पवार विमान हादसा: एक महीने में आएगी अंतिम जांच रिपोर्ट, घातपात की शिकायत के बाद हलचल तेज
बारामती विमान हादसे की जांच में घातपात की आशंका जताने वाली शिकायत के बाद AAIB ने एक महीने में रिपोर्ट देने का भरोसा दिया है।
अजित पवार के बारामती विमान हादसे की जांच को लेकर नई जानकारी सामने आई है। इस मामले में घातपात का शक जताकर शिकायत दर्ज कराने वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अध्यक्ष हेमंत पाटील ने बताया कि उन्होंने आज Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB के महानिदेशक से मुलाकात की।
पाटील का दावा है कि इस मुलाकात के बाद AAIB की तरफ से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनकी शिकायत के आधार पर जांच पूरी करके एक महीने के अंदर रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अजित पवार के विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।
हेमंत पाटील ने अजित पवार के विमान हादसे को लेकर घातपात का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, सबसे पहले उन्होंने बारामती में शिकायत दी थी। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, ऐसा दावा करते हुए उन्होंने तहसीलदार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने यह मामला हाई कोर्ट तक पहुंचाया, ऐसा भी उन्होंने बताया।
पाटील के अनुसार, हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच AAIB कर रहा है, यह बात उनके सामने रखी। इसके बाद उन्होंने जून महीने में अलग से AAIB के पास शिकायत दर्ज कराई। लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने अब AAIB के DG से मुलाकात की, ऐसा उन्होंने बताया।
हेमंत पाटील का दावा है कि AAIB अधिकारियों ने एक महीने में जांच पूरी करके अजित पवार के विमान हादसे की रिपोर्ट जारी करने का भरोसा दिया है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर एक महीने में रिपोर्ट नहीं मिली तो वे दोबारा हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
बता दें कि AAIB ने 28 फरवरी 2026 को बारामती में हुए Learjet हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इस प्रारंभिक रिपोर्ट में कम दृश्यता, एयरपोर्ट की कुछ सुरक्षा सुविधाओं से जुड़ी खामियां और ऑपरेशनल मुद्दे जांच के केंद्र में बताए गए थे। AAIB ने कहा था कि आगे की जांच में हादसे के तथ्य, मूल वजह और जुड़े हुए कारण तय किए जाएंगे।
अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए विमान से निकले थे। 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर उतरते वक्त Learjet विमान का हादसा हुआ था। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी।
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया था कि हादसे के वक्त दृश्यता 3 किलोमीटर थी, जबकि संबंधित VFR ऑपरेशन के लिए 5 किलोमीटर दृश्यता जरूरी है, ऐसा रिपोर्ट में दर्ज है।
अब हेमंत पाटील के दावे के मुताबिक एक महीने में जांच रिपोर्ट आती है या नहीं और उसमें आखिर क्या निष्कर्ष दर्ज होते हैं, यह देखना अहम होगा।