बारामती: हत्या की साजिश के आरोप में फरार मेडद का सरपंच गणेश काशीद चार महीने बाद गिरफ्तार
राजनीतिक दुश्मनी में एक नौजवान की हत्या की साजिश रचने के आरोप में चार महीने से फरार मेडद के सरपंच गणेश काशीद को माळेगाव पुलिस ने गिरफ्तार किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बारामती तालुका के मेडद गांव के मौजूदा सरपंच गणेश दत्तात्रय काशीद को आखिरकार माळेगाव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर राजनीतिक दुश्मनी के चलते एक नौजवान की हत्या करवाने की साजिश रचने का आरोप है। वे पिछले चार महीने से फरार थे। इस गिरफ्तारी से बारामती तालुका में हलचल मच गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल करने की योजना, पैसों का लेनदेन और देसी पिस्तौलें शामिल हैं।
मामला 8 जून 2026 को शुरू हुआ। उस दिन माळेगाव से कऱ्हावागज जाने वाली सड़क पर तुकाई चौक में पुलिस ने गणेश तात्याराम गावडे को एक चारपहिया गाड़ी समेत पकड़ा। गावडे की उम्र 20 साल है और वह कऱ्हावागज का रहने वाला है। उसके पास से बिना लाइसेंस की देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक कुकरी मिली। जांच में इन हथियारों का संबंध मेडद के मयूर विष्णू मोरे से निकला।
इसके बाद पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की। तब शक सामने आया कि मेडद के ही अभिजित अर्जुन यादव नाम के नौजवान को खत्म करने की साजिश रची गई थी। जांच में इस मामले में सरपंच गणेश काशीद और कऱ्हावागज के सुजित निलेश नाळे के नाम भी आए।
पुलिस के मुताबिक इस साजिश के लिए पैसों का लेनदेन भी हुआ। जांच में पता चला कि गणेश गावडे की जमीन बिकने से जो रकम मिली थी, उसमें से आठ लाख रुपये का चेक मयूर मोरे के जरिए बारामती की पीडीसीसी बैंक से भुनाया गया। फिर बारामती के खंडोबानगर इलाके में पेट्रोल पंप के पास फॉर्च्युनर गाड़ी में बैठे सुजित नाळे को पांच लाख रुपये नकद और दो देसी पिस्तौलें दी गईं। यह जानकारी पुलिस ने दी है।
आरोप है कि हत्या करवाने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल करने की योजना बनी थी। इसी वजह से मामला और गंभीर हो गया है। साजिश में शामिल बाकी लोगों की भूमिका और हथियार कहां से आए, इसकी जांच चल रही है।
काशीद और नाळे का नाम सामने आने के बाद 12 जून को इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं बढ़ा दी गईं। बताया गया है कि केस दर्ज होने की खबर मिलते ही काशीद फरार हो गए। वे बार-बार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे थे।
आखिर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे माळेगाव पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर उन्हें पकड़ लिया। यह भी पता चला है कि काशीद पर पहले से खून, खून की कोशिश और जबरन वसूली समेत 13 गंभीर केस दर्ज हैं।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल, अपर पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार और उपविभागीय पुलिस अधिकारी चैतन्य कदम की देखरेख में माळेगाव पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक कुलदीप संकपाळ, पुलिस उपनिरीक्षक देविदास साळवे और पुलिस कर्मी अमोल वाघमारे, ज्ञानेश्वर मोरे और श्रीकांत माने ने यह कार्रवाई की। मामले की आगे की जांच जारी है और अब नजर इस पर है कि साजिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका कब साफ होती है।
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