बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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21:13 IST

सोमेश्वर चुनाव: सुनेत्रा पवार की सभासदों से अपील, कारखाना किसी एक का नहीं

बारामती में प्रचार की समापन सभा में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सभासदों से अजितदादा के अधूरे सपने पूरे करने में साथ देने को कहा।

सोमेश्वर चुनाव: सुनेत्रा पवार की सभासदों से अपील, कारखाना किसी एक का नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बारामती में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सोमेश्वर कारखाने के सभासदों से अपील की है कि वे अजितदादा के अधूरे सपने पूरे करने के लिए साथ दें। उन्होंने साफ कहा कि सोमेश्वर कारखाना किसी एक आदमी की निजी संपत्ति नहीं है।

सुनेत्रा पवार श्री सोमेश्वर कारखाने के चुनाव में श्री सोमेश्वर कारखाना विकास पुरुष अजितदादा पैनल के प्रचार की समापन सभा में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सोमेश्वर सहकारी चीनी कारखाना सिर्फ गन्ना पेरने वाला उद्योग नहीं है, यह हजारों किसान सभासदों के घर-परिवार का सहारा है। किसान, मजदूर और उनके परिवार इस कारखाने से जुड़े हुए हैं। इसलिए कारखाने की तरक्की का मतलब इन सबकी जिंदगी में तरक्की है।

उनके मुताबिक कारखाना किसी एक व्यक्ति की मिल्कियत नहीं है, सभासद ही उसके असली मालिक हैं। अजितदादा ने यह भूमिका हमेशा निभाई।

सुनेत्रा पवार ने बताया कि अजितदादा के निधन के बाद यह पहला चुनाव है। उनके अचानक चले जाने से जो खालीपन बना, वह आज भी हर किसी को महसूस हो रहा है। लेकिन दादा की सीख सिर्फ दुख में डूबे रहने की नहीं थी, वह मुश्किलों का सामना करके आगे बढ़ने की थी। उन्होंने कहा कि दादा से प्यार करने वाली जनता को अनाथ नहीं होने देना है, यही सोचकर उन्होंने जिम्मेदारी संभाली।

प्रचार के लिए सोमेश्वर के कार्यक्षेत्र के गांव-गांव, टोले-बस्तियों और खेतों की मेड़ तक जाना हुआ। सुनेत्रा पवार के अनुसार हर जगह अजितदादा की यादें मिलीं। किसी के घर की तस्वीर में, किसी की आंखों के आंसुओं में, तो किसी की बातों में दादा आज भी लोगों के मन में जिंदा दिखे। उन्होंने कहा कि जनता ने जो प्यार और भरोसा दिया है, उसे वे जिंदगी भर नहीं भूलेंगी। इस प्यार का कर्ज विकास के कामों से चुकाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।

चुनाव की वजह से बदले राजनीतिक समीकरणों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कारखाने के विकास के लिए काम करने वाले हर किसी को साथ लेकर चलना उनकी भूमिका है। कौन अपना और कौन पराया, यह बंटवारा करने के बजाय कारखाने का हित सबसे ऊपर माना जाना चाहिए। उन्होंने सभासदों से भी अपील की कि वे चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर कारखाने के भविष्य के बारे में सोचें।

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