हरियाणा के सरकारी विभागों में 700 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, CBI ने चार और आरोपी पकड़े
हरियाणा के सरकारी विभाग, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी से जुड़े कथित घोटाले में गौरव कांसल, सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज को तीन दिन की कस्टडी मिली।
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हरियाणा के सरकारी विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी से जुड़े 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित आर्थिक घोटाले में सीबीआई ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम गौरव कांसल, सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज बताए गए हैं।
चारों को पंचकुला की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की कस्टडी में भेज दिया गया। अब जांच एजेंसी इनसे पूछताछ करेगी।
सीबीआई का आरोप है कि बर्तन का कारोबार करने वाले गौरव कांसल ने बिचौलिए का काम किया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को पहले कैश में बदला जाता था और फिर उसे दोबारा बैंक खातों में जमा करा दिया जाता था। इस काम में उसके साथ आईडीएफसी बैंक का उस वक्त का ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषी था, जिसे कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। दोनों ने मिलकर दो साल में 94 करोड़ रुपये इधर से उधर किए। आरोप यह भी है कि सरकारी पैसे का स्रोत छिपाने के लिए कई बैंक खातों से लेनदेन किया गया।
सीबीआई के मुताबिक 20 जनवरी 2026 को कालका नगर परिषद के खाते से 18.46 करोड़ रुपये निकाले गए। इसमें से 2 करोड़ रुपये कैश में इकट्ठा किए गए और उसी दिन हवाला के रास्ते दिल्ली पहुंचा दिए गए। सीबीआई का दावा है कि यह रकम आरोपी आईएएस अधिकारी आर. के. सिंह के बेटे तक पहुंची।
इसी बीच एक और लेनदेन सामने आया है। चंडीगढ़ मेगा स्टोर के मालिक मोहित गोयल और उनकी कंपनी भगवती एजेंसीज के खातों में चार कंपनियों ने 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच 112 लेनदेन में 59.50 करोड़ रुपये भेजे। सीबीआई का कहना है कि बदले में सिर्फ 14.05 करोड़ रुपये वापस भेजे गए।
आरोप है कि फर्जी कंपनियों के जरिए सरकारी फंड को घुमाकर कैश में बदला गया। अब जांच इस बात की चल रही है कि यह रकम आखिर किसके पास पहुंची और उससे कहां-कहां प्रॉपर्टी खरीदी गई।