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बंटी दीक्षित हत्या: पवन ने रावण दहन में ही मारने की सोची थी, वारदात के बाद कट्टा फेंक दिया

बंटी दीक्षित हत्या: पवन ने रावण दहन में ही मारने की सोची थी, वारदात के बाद कट्टा फेंक दिया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

छत्रपती संभाजीनगर में देवेश उर्फ बंटी दीक्षित की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ से नई बातें सामने आई हैं। आरोपी पवन ने बंटी को रामलीला मैदान में होने वाले रावण दहन के कार्यक्रम में ही खत्म करने की साजिश रची थी। वर्चस्व को लेकर चल रही दुश्मनी इस हत्या की वजह बताई जा रही है।

बंटी और पवन के बीच कई महीनों से झगड़ा चल रहा था। पवन के मन में इस बात का गुस्सा था कि इस टकराव में बंटी उस पर भारी पड़ रहा है। उसे मालूम था कि रामलीला मैदान के रावण दहन कार्यक्रम में बंटी सक्रिय रहता है, इसलिए उसने वहीं हमला करने की योजना बनाई थी।

दशहरे के मौके पर रखे गए कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि के तौर पर आने वाले थे। इसी वजह से रामलीला मैदान के आसपास पुलिस का बड़ा बंदोबस्त था। पवन दांडिया कार्यक्रम में गया और इलाके का जायजा लिया। भारी पुलिस बंदोबस्त देखकर उसने वहां हत्या करने का इरादा छोड़ दिया। लेकिन बंटी के खिलाफ उसका गुस्सा कम नहीं हुआ, और आगे चलकर एन-7 इलाके में बंटी की हत्या कर दी गई।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पवन ने बताया कि उसने हथियार कहां फेंका था। इस जानकारी पर उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर और हवालदार मंगेश पवार की टीम ने इलाके में तलाश की और गावठी कट्टा बरामद कर लिया। जांच अधिकारी योगेश गायकवाड ने हथियार जब्त होने की जानकारी दी। पुलिस निरीक्षक अतुल पैरमे ने बताया कि अदालत ने आरोपी को दस दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। यह फैसला शुक्रवार को आया।

वारदात के बाद पवन सीधे पुलिस स्टेशन नहीं गया। वह एन-8 में सरकारी अस्पताल की गली की तरफ गया। औरंगाबाद जिला सहकारी बैंक के सामने खाली मैदान के पास से गुजरते हुए उसने चलती गाड़ी से गावठी कट्टा और नौ कारतूस बाहर फेंक दिए। कट्टा सड़क किनारे की घास में गिरा, इसलिए आसानी से किसी की नजर में नहीं आया। इसके बाद पवन खुद सिडको पुलिस स्टेशन में हाजिर हो गया।

सूत्रों के मुताबिक पवन लॉकअप में भी वही बातें करता रहा। वह कह रहा था कि बंटी हर काम में रुकावट डालता था और खुद को बड़ा भाई समझता था, जबकि वह भी किसी से कम नहीं है, यही उसे दिखाना था।

इस बीच शुक्रवार दोपहर सेंट्रल नाका श्मशान घाट में बंटी दीक्षित का अंतिम संस्कार किया गया। माहौल गमगीन था और लोगों की बड़ी भीड़ जमा हुई थी। वहां पुलिस का बंदोबस्त भी रखा गया था।

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