वाशिम में पानी की किल्लत रोकने कलेक्टर कुंभेजकर ने अफसरों को दी सख्त हिदायत
जिले में आगे पानी की दिक्कत न हो, इसके लिए कलेक्टर योगेश कुंभेजकर ने सभी संबंधित विभागों को अभी से पुख्ता प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं।
वाशिम जिले में आगे पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से पीने के पानी की सख्त प्लानिंग करने का निर्देश कलेक्टर योगेश कुंभेजकर ने दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा पानी के स्टॉक का सही इस्तेमाल कर नागरिकों को पानी की सप्लाई बिना रुकावट के मिलती रहे, इसके लिए जरूरी कदम समय रहते पूरे किए जाएं।
इस बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान, निवासी उपजिल्हाधिकारी विश्वनाथ घुगे, ग्रामीण पानी पुरवठा विभाग के कार्यकारी अभियंता कानेरकर, महावितरण के अधीक्षक अभियंता संदीप दरवडे, जिला जलसंधारण अधिकारी हरेद्र वाघमारे, नगरपालिका प्रशासन के सहआयुक्त डॉ. बाबुराव बिक्कड, जिला आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी शाहू भगत और नगरपालिका मुख्याधिकारी अरविंद मुंढे समेत कई सीनियर अफसर मौजूद थे।
कलेक्टर ने ग्रामीण पानी पुरवठा विभाग को हर गांव का अलग-अलग जायजा लेकर यह सुनिश्चित करने को कहा कि 31 अगस्त 2027 तक पीने के पानी की उपलब्धता बनी रहे। इसके लिए जरूरी प्लानिंग अभी से की जाए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे गट विकास अधिकारी, ग्रामपंचायत अधिकारी, ग्रामीण पानी पुरवठा विभाग के उपअभियंता और शाखा अभियंता के साथ पंचायत समिति स्तर पर तुरंत रिव्यू मीटिंग लें। साथ ही, ग्रामीण पानी पुरवठा योजनाओं की मुख्य और वितरण पाइपलाइन की हर 10 दिन में जांच कर, कहीं लीकेज मिलने पर तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
अवैध सिंचाई के लिए पानी की चोरी रोकने पर भी प्रशासन ने खास ध्यान देने को कहा है। जिले के प्रोजेक्ट और तालाबों से रात के वक्त गैरकानूनी तरीके से पानी उठाने पर रोक लगाने के लिए महावितरण को सतर्क रहने को कहा गया है। एकबुर्जी प्रोजेक्ट में अवैध सिंचाई के लिए हो रहे पानी उपसा को रोकने के लिए खास ध्यान देते हुए वहां की गैरकानूनी बिजली कनेक्शन तुरंत काटने के निर्देश महावितरण के सीनियर अफसरों को दिए गए।
बांधों और तालाबों पर अचानक रात में गश्त करने के लिए नगर परिषद, महावितरण, पाटबंधारे, लघु पाटबंधारे और मृद व जलसंधारण विभाग के अफसरों-कर्मचारियों को मिलाकर संयुक्त गश्ती दल बनाने को कहा गया है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को अपने प्रतिनिधियों के नाम और मोबाइल नंबर तुरंत कलेक्टर दफ्तर को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।