गुरूवार, 5 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

भाजपा की रैली से नागपुर के रास्ते जाम, दिवाली की खरीदारी करने निकले लोग घंटों फंसे

शहर PT24 टीम

गुरुवार को भाजपा के 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च के चलते नागपुर में कई मुख्य सड़कों और फ्लाईओवरों पर ट्रैफिक ठप रहा।

गुरुवार को भाजपा के 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च की वजह से नागपुर शहर की सड़कों पर ट्रैफिक बुरी तरह बिगड़ गया। पार्टी के शक्ति प्रदर्शन का सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा। विदर्भ के अलग-अलग जिलों से 30,000 से 35,000 कार्यकर्ता 5,000 से ज्यादा गाड़ियों में शहर पहुंचे, जिससे मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

दिवाली की खरीदारी के लिए घर से निकले लोग कई घंटे ट्रैफिक में अटके रहे। सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी भीड़ को एक राजनीतिक कार्यक्रम के लिए शहर में लाते वक्त आम जनता को होने वाली परेशानी का ख्याल रखा गया था या नहीं।

छत्रपति चौक से मानकापुर तक की सड़कों पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया। वर्धा रोड से शहर में आने वाले रास्तों का भी यही हाल था। जनता चौक और संविधान चौक के बीच गाड़ियों की लंबी लाइन लगी रही। कस्तूरचंद पार्क फ्लाईओवर, एलआईसी चौक का फ्लाईओवर और आदिवासी गोवारी फ्लाईओवर पर भी भारी जाम रहा। कई सड़कों पर मार्च के लिए लाई गई गाड़ियों ने शहर के रोज के ट्रैफिक को ऐसा जकड़ लिया कि वाहन चालक आगे बढ़ ही नहीं पा रहे थे।

सीताबर्डी और धंतोली के बाजारों में दिवाली से पहले खरीदारों की भीड़ थी। मार्च की वजह से रास्ते बंद होने से लोगों को बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया। पुलिस ने कई सड़कें बंद कर दी थीं, इसलिए लोगों को लंबा घूमकर जाना पड़ा। खरीदारी करने निकले परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। त्योहार के सीजन में ट्रैफिक जाम का नुकसान व्यापारियों को भी हो सकता है।

धंतोली और रामदासपेठ इलाके में कई बड़े प्राइवेट अस्पताल हैं, जहां शाम को वैसे भी भारी ट्रैफिक रहता है। मार्च से हुए जाम का असर एम्बुलेंस पर भी पड़ा। सवाल यह उठा है कि जब राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सड़कें भरी हुई थीं, तब इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग लेन और पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। अगर एम्बुलेंस को अस्पताल पहुंचने के लिए रुकावटों से जूझना पड़ा, तो ट्रैफिक प्लानिंग के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।

मार्च के लिए 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात करने का ऐलान किया गया था। पुलिस ने दावा भी किया था कि ट्रैफिक जाम से बचा जाएगा। लेकिन जमीन पर हालात इन दावों से बिल्कुल उलट दिखे। मुख्य चौराहे, फ्लाईओवर और बाजारों की तरफ जाने वाली सड़कें गाड़ियों से भरी रहीं। इतनी बड़ी पुलिस तैनाती के बावजूद प्रशासन ट्रैफिक को चालू क्यों नहीं रख पाया, यह सवाल पूछा जा रहा है।

'सेव डेमोक्रेसी' मार्च के शोर में आम नागरिकों की तकलीफ दब गई। राजनीतिक पार्टियों को अपनी ताकत दिखाने का हक है, लेकिन पूरे शहर को इसके लिए बंधक बना लेने का हक किसी को नहीं है। मार्च खत्म हो जाएगा और कार्यकर्ता लौट जाएंगे, मगर ट्रैफिक में गया वक्त और नागरिकों को हुई परेशानी की भरपाई कौन करेगा?

#नागपुर#शहर#PT24#Civic#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे