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अंबाझरी तालाब में जलकुंभी पर NMC की दोहरी मुहिम, पानी में हार्वेस्टर, किनारों पर JCB

अंबाझरी तालाब में जलकुंभी पर NMC की दोहरी मुहिम, पानी में हार्वेस्टर, किनारों पर JCB तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

नागपुर महानगरपालिका अंबाझरी तालाब में जलकुंभी रोकने के लिए पानी में हार्वेस्टर और किनारों पर JCB व पोकलेन चला रही है। दलदल निकालने की मशीन के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

नागपुर, 31 अक्टूबर। अंबाझरी तालाब को जलकुंभी (Eichhornia) से दूर रखने के लिए नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने अब दो तरीकों से काम शुरू किया है। महीनों की मेहनत के बाद तालाब के बीच का बड़ा हिस्सा साफ हो चुका है। लेकिन किनारों के दलदल में दबे बीजों से जलकुंभी के नए पौधे फिर निकलने लगे हैं।

इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम पानी के भीतर हार्वेस्टर मशीन चला रहा है। किनारों पर सफाई के लिए JCB और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं।

नगर निगम उपायुक्त राजेश भगत के अनुसार तालाब के बीच का पानी अभी साफ है। पर तल में दबे जलकुंभी के बीज अनुकूल हालात मिलते ही दोबारा उग रहे हैं। किनारों पर उगे नए पौधे अभी छोटे हैं। वहां पानी कम और दलदल ज्यादा है, इसलिए भारी एक्वेटिक हार्वेस्टर से सफाई करना मुश्किल है। जिन हिस्सों में नाव या हार्वेस्टर नहीं पहुंच सकते, वहां JCB और पोकलेन से काम हो रहा है।

राजेश भगत के मुताबिक सिर्फ एक बार सफाई करने से जलकुंभी की समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए पूरे साल नियमित निगरानी और मशीनों से सफाई की जरूरत है। नए पौधे दिखते ही उन्हें हटाने का इंतजाम किया जा रहा है, ताकि जलकुंभी दोबारा न फैले।

नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि जलकुंभी पर काबू पाने के लिए सिर्फ मशीनों की सफाई काफी नहीं है। तालाब में आने वाले बिना ट्रीटमेंट के घरेलू सीवेज को रोकना भी जरूरी है।

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अंकित ने बताया कि जलकुंभी की नई बढ़त को नियमित रूप से हाथ से और मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है। उनके मुताबिक इसका स्थायी हल वाडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शुरू होने से ही निकलेगा। वाडी STP चालू होने पर अंबाझरी तालाब में आने वाला बिना ट्रीटमेंट का घरेलू सीवेज रोका जा सकेगा। इससे पानी में पहुंचने वाले जैविक पोषक तत्व कम होंगे, जो जलकुंभी की तेज बढ़त की प्रमुख वजहों में गिने जाते हैं।

कॉर्पोरेटर योगेश पाचपोर ने बताया कि किनारों पर जलकुंभी को दोबारा बढ़ने से रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। चार कर्मचारी रोजाना किनारों पर उगने वाली जलकुंभी को हाथ से निकाल रहे हैं। इसके साथ मशीनों से भी सफाई चल रही है।

सफाई को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए नगर निगम ने स्थायी समिति में दलदल निकालने वाली खास मशीन की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वाडी STP का ट्रायल रन भी पूरा होने के करीब है। इसके शुरू होने के बाद नगर निगम तालाब में सीवेज का बहाव काबू करने और जलकुंभी को दोबारा बढ़ने से रोकने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था बनाना चाहता है।

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