बुधवार, 4 नवंबर 2026

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अग्निवीरों की सेवा ४ साल से बढ़ाकर ६ साल करने की तैयारी, २१ नवंबर से पहले फैसला संभव

अग्निवीरों की सेवा ४ साल से बढ़ाकर ६ साल करने की तैयारी, २१ नवंबर से पहले फैसला संभव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

केंद्र सरकार अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें कई बड़े फैसले ले रही हैं। केंद्र सरकार अब इस प्रस्ताव पर गौर कर रही है कि अग्निवीरों का कार्यकाल ४ साल से बढ़ाकर ६ साल कर दिया जाए।

यह योजना २०२२ में शुरू हुई थी। उसके तहत भर्ती हुई पहली बैच का ४ साल का कार्यकाल अब जल्द पूरा होने वाला है। भारतीय नौसेना की पहली बैच २१ नवंबर को, भारतीय वायु सेना की बैच २१ दिसंबर को और थल सेना की पहली बैच ३१ दिसंबर २०२६ को अपनी सेवा पूरी करेगी।

बताया जा रहा है कि सरकार सेवा की अवधि दो साल बढ़ाने की तैयारी में है और इस पर अंतिम फैसला २१ नवंबर से पहले आ सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि हर बैच से मूल २५ प्रतिशत की सीमा से ज्यादा अग्निवीरों को सेना में रखने पर कई महीनों से बातचीत चल रही है। यह प्रस्ताव कई स्तरों से गुजर चुका है और अब वरिष्ठ अधिकारी इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

तीनों सेनाओं में कितने अग्निवीरों को यह बढ़ी हुई अवधि मिल सकती है, यह अभी तय नहीं हुआ है। बताया गया है कि मूल २५ प्रतिशत कोटा जैसा है वैसा ही रहेगा और यह विस्तार उसके अलावा दिया जाएगा।

इसमें फैसला खुद अग्निवीर करेंगे। वे तय करेंगे कि उन्हें सशस्त्र बलों में सेवा जारी रखनी है या ११.७१ लाख रुपये के कर-मुक्त "सेवा निधि" पैकेज के साथ सेवा छोड़नी है।

अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो सशस्त्र बलों में तीन तरह के कर्मचारी हो सकते हैं। पहली श्रेणी में वे अग्निवीर होंगे जो ४ साल की शुरुआती सेवा दे रहे हैं। दूसरी श्रेणी में वे अग्निवीर आएंगे जिन्हें सेवा विस्तार मिला है। तीसरी श्रेणी में वे स्थायी सैनिक होंगे जिन्हें नियमित कैडर में शामिल किया गया है।

पहली बैच की विदाई की तारीखें नजदीक आ रही हैं, इसलिए अब सबकी नजर २१ नवंबर से पहले आने वाले फैसले पर है।

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