आठवले की राहुल गांधी को सलाह: सरकार बदलनी है तो आंदोलन नहीं, जनादेश का रास्ता लें
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने नागपुर में कहा कि आंदोलन से सरकार नहीं बदलती और राहुल गांधी को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए।
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केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि सरकार आंदोलन करने से नहीं बदलती। सत्ता में आना है तो लोकतांत्रिक तरीके से जनता का जनादेश हासिल करना पड़ता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलनों से आम नागरिकों को परेशानी होती है। इसलिए सत्ता परिवर्तन के लिए लोकतांत्रिक रास्ते का ही इस्तेमाल होना चाहिए।
आठवले नागपुर में आयोजित प्रेस परिषद में बोल रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 2029 तक देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कायम रहेगी। उनका यह भी कहना था कि 4 राज्यों में आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को सफलता मिलेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में 'मोदी के बाप को भी जाना पड़ेगा' वाला बयान दिया था। आठवले ने इसकी निंदा की। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेता लगातार चुनाव हार रहे हैं, इसीलिए उनकी तरफ से अपमानजनक और विवादित बयान आ रहे हैं। आठवले के मुताबिक प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी भाषा इस्तेमाल करना ठीक नहीं है, और इतने बड़े नेता को बोलते वक्त संयम रखना चाहिए।
आठवले ने राहुल गांधी से अपील की कि वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करें। उन्होंने कहा कि मन का गुस्सा जाहिर करने से सत्ता नहीं बदलेगी। उलटे ऐसी भूमिका की वजह से मतदाता भी विपक्ष के खिलाफ जा सकते हैं। 2029 में चुनाव के जरिए जनादेश हासिल कर सत्ता में आने का मौका है, लेकिन इसके लिए देश को बंधक बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
गृह मंत्री अमित शाह के बारे में एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। उसमें वे दिवंगत इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के लिए 'तुम्हारी नानी को भी आना पड़ेगा' कहते बताए जा रहे हैं। इस पर आठवले ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के रिपाई में आने के बारे में आठवले ने कहा कि दिपके आंबेडकरवादी हैं। उनके मुताबिक पार्टी के विस्तार के लिए सभी राजनीतिक दलों को युवाओं की जरूरत है, खासकर जनरेशन जेड की। दिपके को रिपाई में शामिल होने का न्योता दिया गया है और वे आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।
चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का आठवले ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कोई जरूरत नहीं है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए चलाई जा रही है।
मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के बारे में आठवले ने कहा कि कई मतदाता विदेश चले गए हैं और कुछ की मृत्यु हो चुकी है। कुछ लोगों ने जगह बदलने के बाद अपना निर्वाचन क्षेत्र नहीं बदला, या फिर पुरानी सूची से उनका नाम हटाया नहीं गया था।
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