आमगाव तहसील के सूखा प्रभावित इलाके में खेतों का दौरा, पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने सुनीं किसानों की परेशानियां
पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने आमगाव तहसील के सूखाग्रस्त इलाके का दौरा किया और किसानों की दिक्कतें सुनीं।
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गोंदिया, 22 तारीख। सूखे की वजह से किसानों को जो परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं, उन्हें अपनी आंखों से देखने और किसानों की बात सुनने के लिए पालकमंत्री इंद्रनील नाईक आमगाव तहसील के सूखाग्रस्त इलाके में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
खेतों के दौरे में किसानों ने पालकमंत्री को कई दिक्कतें बताईं। उनका कहना था कि फसल का सर्वे, पंचनामे और अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाले फंड को लेकर उन्हें परेशानी हो रही है। यह भी बताया गया कि फसल सर्वे समय पर नहीं हो रहा, इसलिए नुकसान झेल चुके किसानों को मुश्किल आ रही है। किसानों ने यह शिकायत भी रखी कि प्राइवेट तौर पर मिलने वाली मदद और नरेगा के तहत किए गए कामों का पैसा उन्हें नहीं मिला है।
इस मौके पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश हर्षे ने किसानों की समस्याएं पालकमंत्री के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि सूखे को देखते हुए नुकसान झेल चुके किसानों को समय पर मदद मिलनी चाहिए, फसल सर्वे और पंचनामे पूरे होने चाहिए और जो फंड अटका हुआ है, उस पर जरूरी कार्रवाई होनी चाहिए।
आमगाव तहसील में 2,150 हेक्टेयर क्षेत्र के पंचनामे हो चुके हैं। तहसील कृषि अधिकारी, आमगाव से मिली जानकारी के मुताबिक तहसील में कुल 20,570.35 हेक्टेयर खेती का क्षेत्र है। इसमें से अब तक 2,150 हेक्टेयर के पंचनामे पूरे हुए हैं।
जिन इलाकों के पंचनामे हुए हैं, उनमें 33 से 50 प्रतिशत नुकसान वाला क्षेत्र 355 हेक्टेयर है। 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान वाले क्षेत्र की एंट्री अभी तक नहीं हुई है।
दौरे में पालकमंत्री नाईक ने किसानों से बातचीत कर उनकी दिक्कतें जानीं। उम्मीद जताई गई कि नुकसान झेल चुके किसानों की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग फसल सर्वे, पंचनामे और जरूरी मदद का काम तेजी से करें। इस मौके पर विधायक राजकुमार बडोले मौजूद थे। देवरी की उपविभागीय अधिकारी कविता गायकवाड, जिला कृषि अधीक्षक निलेश कानवडे, तहसीलदार मोनिका कांबळे और संबंधित विभागों के अधिकारी भी हाजिर थे।
सूखा क्षेत्र के दौरे के दौरान आमगाव तहसील के बामणी गांव के किसान छगनलाल लोकचंद रहांगडाले के खेत का मुआयना किया गया। उनके खेत के 0.66 हेक्टेयर क्षेत्र का सूखे की स्थिति के हिसाब से जायजा लिया गया। यह खेत आमगाव-देवरी मार्ग से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर है।
इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सूखे में किसानों को जो दिक्कतें आती हैं, उनकी सीधी जानकारी लेकर जरूरी उपाय करने के लिए प्रशासन संवेदनशीलता और तेजी से काम करे।
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