शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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16:11 IST

15 अक्टूबर से कपास खरीद शुरू, पैदावार घटने से दाम और चढ़ने के आसार

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से कपास की खरीद शुरू होगी। पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत गिरावट की आशंका है और बाजार भाव अभी से 8600 रुपये क्विंटल के पार है।

15 अक्टूबर से कपास खरीद शुरू, पैदावार घटने से दाम और चढ़ने के आसार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र की, खासकर विदर्भ की खेती-किसानी की अर्थव्यवस्था में कपास की अहम जगह है। कपास को अच्छा भाव मिल जाए तो किसानों के चेहरे पर इत्मीनान दिखता है और उसका सीधा असर बाजार की हलचल पर भी पड़ता है। लेकिन इस साल हालात कुछ अलग हैं। बारिश ने खींच लिया, इससे कपास उगाने वालों की फिक्र बढ़ गई है।

नागपुर विभाग में हालत फिर भी ठीक बताई जा रही है, पर अमरावती विभाग में स्थिति गंभीर होने की बात कही जा रही है। इसी वजह से कपास की पैदावार में इस बार 20 से 25 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई जा रही है। सरकारी आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, मगर निजी अंदाजों से पैदावार में कमी साफ दिख रही है। पैदावार कम हुई तो बाजार में कपास के दाम बढ़ सकते हैं, पर किसानों को उसका उम्मीद के मुताबिक फायदा मिल ही जाए, यह जरूरी नहीं।

कपास के व्यापारियों के मुताबिक पिछले साल कपास को ज्यादा से ज्यादा 7400 से 7500 रुपये क्विंटल तक भाव मिला था। इस बार भाव अभी से 8600 रुपये क्विंटल के आगे चल रहा है। आने वाले दिनों में यह 9 हजार रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है और इस साल कपास का भाव 9500 रुपये क्विंटल से भी ऊपर जा सकता है।

दाम बढ़ने का कुछ फायदा किसानों को जरूर होगा। पर सूखा प्रभावित इलाकों के उत्पादकों को पैदावार घटने की वजह से बड़ा झटका लग सकता है। बाजार में अभी जो भाव मिल रहा है, वह केंद्र सरकार के घोषित एमएसपी से भी ज्यादा है। केंद्र ने इस साल कपास के लिए तीन स्लैब में एमएसपी तय किया है, यानी 8567, 8617 और 8667 रुपये। ये दाम 27.5 एमएम से 29.5 प्लस एमएम तक के कपास पर लागू हैं। व्यापारियों ने बताया कि इन दिनों बाजार में आ रहे कपास में नमी की मात्रा ज्यादा है।

इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि पिछले साल राज्य में करीब 115 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था। इस साल यह घटकर 90 से 95 लाख गांठ रहने का अंदाजा है। शुरू में बारिश की मार पड़ी और अब तेज धूप से फसल को नुकसान हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर विदर्भ और मराठवाड़ा में दिख रहा है। उत्पादन में पूरे 20 लाख गांठ की कमी आई तो किसानों को बड़ी आर्थिक चोट लगने की आशंका है।

केंद्र स्तर की बैठक में हुए फैसले के मुताबिक महाराष्ट्र में पहले चरण में भारतीय कपास निगम लिमिटेड यानी सीसीआई 179 खरीद केंद्र शुरू करेगा। इनमें से 96 केंद्र विदर्भ में होंगे। जरूरत पड़ी तो बाजार की हालत देखकर और केंद्र खोलने की तैयारी भी सीसीआई ने रखी है।

हालांकि बाजार भाव ज्यादा होने से अधिकारियों का मानना है कि किसान अपना कपास बेचने के लिए निजी व्यापारियों के पास जा सकते हैं। सीसीआई को एमएसपी पर कपास बेचने के बजाय किसान बाजार के ऊंचे दाम का फायदा उठाने की तरफ झुक सकते हैं।

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