शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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पुणे में सिंहगड संस्था की 10 स्कूलों की मान्यता रद्द, 18 महीने से बकाया है टीचरों का वेतन

पुणे में सिंहगड संस्था की 10 स्कूलों की मान्यता रद्द, 18 महीने से बकाया है टीचरों का वेतन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

शिक्षा विभाग ने पुणे की सिंहगड संस्था के 6 माध्यमिक और 4 प्राथमिक स्कूलों की मान्यता रद्द करने का आदेश दिया है।

पुणे से एक बड़ी खबर आई है। शिक्षा विभाग ने सिंहगड संस्था की दस स्कूलों की मान्यता रद्द करने का आदेश जारी किया है। इनमें छह माध्यमिक और चार प्राथमिक स्कूल हैं। यह आदेश शिक्षा उपसंचालक मच्छिंद्रनाथ कदम ने दिया है। इस फैसले से शहर में काफी हलचल मच गई है।

फैसले की वजह टीचरों का वेतन है। टीचरों को पूरे 18 महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक, जब तक वेतन नहीं मिलता, तब तक पढ़ाने का काम न करने का रुख टीचरों ने अपनाया था। शिक्षा विभाग ने संस्था को कई बार सूचना दी, फिर भी बकाया वेतन का मसला हल नहीं हुआ। आखिरकार मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया।

यह कार्रवाई नऱ्हे, आंबेगांव, खुसगांव, वारजे, कर्वेनगर और कोंढवा की स्कूलों पर की गई है।

सुनवाई के दौरान संस्था ने अपना पक्ष रखा। उसका तर्क था कि आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम सरकार की तरफ से बकाया है। लेकिन टीचरों का वेतन लंबे समय से अटका हुआ था, इसलिए शिक्षा विभाग ने मान्यता रद्द करने का आदेश दिया। विभाग ने यह भी ध्यान रखा है कि इस फैसले से इन स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े।

बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें दूसरी स्कूलों में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई बीच में न रुके, इसका इंतजाम करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।

एक अहम बात यह है कि मान्यता रद्द करने के आदेश पर अमल तुरंत नहीं होगा। इस फैसले को आने वाली 1 मई 2027 से लागू किया जाएगा। यानी ये दस स्कूलें अभी फौरन बंद नहीं होंगी और उन्हें शैक्षणिक वर्ष पूरा करने के लिए वक्त मिलेगा।

शिक्षा विभाग के इस आदेश के खिलाफ सिंहगड संस्था को अपील का मौका भी दिया गया है। आदेश मिलने के दिन से 30 दिन के अंदर संस्था शिक्षा संचालक के पास अपील दाखिल कर सकती है। अब सबकी नजर इस पर है कि संस्था इस फैसले को चुनौती देगी या नहीं, और टीचरों के बकाया वेतन का मसला कब सुलझेगा।

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