PMPML को बस पास की भरपाई में PMC देगी 23.11 करोड़, मांगे थे 36.18 करोड़
स्थायी समिति ने 5 नवंबर को प्रस्ताव मंजूर किया, पर रकम विभागों की सिफारिश से कम है क्योंकि बजट में इतना पैसा रखा ही नहीं गया था।
पुणे में बस पास की रियायत का हिसाब आखिरकार निपट गया है, हालांकि PMPML को उतना पैसा नहीं मिलेगा जितना उसने मांगा था। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) को 23.11 करोड़ रुपये देने पर हामी भर दी है। यह रकम 2025-26 में बांटे गए मुफ्त और रियायती बस पासों की भरपाई के लिए है। ये पास विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, पत्रकारों और PMC के कर्मचारियों को मिले थे।
यह फैसला 5 नवंबर 2026 को PMC की स्थायी समिति ने लिया। समिति ने पहले PMPML के दावों की जांच की और उसके बाद प्रस्ताव पास किया।
अब आंकड़ों की बात। PMPML ने 2025-26 में अलग-अलग योजनाओं के पासों के बदले 36.18 करोड़ रुपये मांगे थे। PMC के संबंधित विभागों ने दावे खंगाले और 34.87 करोड़ रुपये देने की सलाह दी। लेकिन बजट में इतनी रकम का इंतजाम अलग से था ही नहीं, इसलिए समिति को भुगतान 23.11 करोड़ पर रोकना पड़ा। यानी मंजूर रकम विभागों की सिफारिश से काफी कम है।
इस हिसाब में विद्यार्थियों के सालाना, छमाही और तिमाही पास गिने गए हैं। 50 प्रतिशत छूट पर बिके पास भी इसमें जुड़े हैं। वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, गुणवान लोगों और PMC कर्मचारियों को मुफ्त दिए गए पासों का खर्च भी इसी रकम में आता है। सूचना और जनसंपर्क विभाग ने दैनिक और साप्ताहिक प्रकाशनों से जुड़े पत्रकारों के मुफ्त पास के बदले 71,300 रुपये देने की सिफारिश की थी।
दावे और सिफारिश के बीच के फर्क की एक वजह 22 दिन वाला यात्री पंचिंग पास भी है। PMPML ने इसके लिए 1.27 करोड़ रुपये मांगे थे, मगर विभागों ने इस मद की सिफारिश ही नहीं की।
PMC के 2026-27 के बजट में बस पास की रियायतों के लिए 23.11 करोड़ रुपये का प्रावधान है। विभागों की सुझाई पूरी 34.87 करोड़ की रकम चुकानी हो तो महानगरपालिका को 11.77 करोड़ रुपये और जुटाने पड़ेंगे।
इस प्रस्ताव की पृष्ठभूमि भी है। दिवाली से पहले PMPML ने PMC से 33 करोड़ रुपये एडवांस मांगे थे, ताकि अपने कर्मचारियों को अनुग्रह राशि और बोनस दिया जा सके। उसी दौर में महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने भरपाई का यह प्रस्ताव स्थायी समिति के आगे रखा।
पैसा बजट में पहले से रखे प्रावधान से ही जाएगा, पर PMPML के खाते में यह तभी पहुंचेगा जब PMC की जनरल बॉडी इसे हरी झंडी दे देगी। तब तक भुगतान अटका रहेगा।
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