पुणे में गायत्री लड्डू भंडार से 1,190 किलो लड्डू-बूंदी जब्त, खाने के रंग की तय सीमा पार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एफडीए ने मंगलवार को कोंढवा बुद्रुक के तिलेकर नगर में कार्रवाई की। जांच में रंग तय सीमा से ज्यादा मिला और साफ-सफाई के मानक भी पूरे नहीं थे।
पुणे के कोंढवा बुद्रुक इलाके में खाने-पीने की चीजों पर नजर रखने वाले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। तिलेकर नगर में स्थित गायत्री लड्डू भंडार से मोतीचूर के लड्डू और बूंदी मिलाकर कुल 1,190 किलो माल जब्त किया गया। जब्त माल की कीमत करीब 1,73,950 रुपये बताई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक जांच में पता चला कि इस यूनिट में खाने के रंग का इस्तेमाल तय सीमा से ज्यादा हो रहा था। इसके साथ ही मिठाई बनाने के लिए जरूरी साफ-सफाई और सुरक्षा के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण में सामने आया कि प्रति किलो मिठाई में कितना रंग डाला जा सकता है, इस नियम को यूनिट ने नहीं माना। अधिकारियों ने जब हाइजीन और सैनिटेशन से जुड़ी एनालिटिकल टेस्ट रिपोर्ट मांगी, तो यूनिट कोई भी रिपोर्ट नहीं दिखा सकी। लड्डू और बूंदी के अलावा यूनिट में खाने के रंग के बहुत सारे डिब्बे भी मिले। वहां गुलाब जामुन और चीनी की चाशनी का स्टॉक भी रखा था।
मौके पर मीडिया से बात करते हुए एफडीए के एक अधिकारी ने कहा कि फूड सेफ्टी एक्ट के शेड्यूल 4 में तय सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का भी उल्लंघन हुआ है। अधिकारी ने कहा, "इस यूनिट में खाने के रंग का इस्तेमाल मंजूर सीमा से ज्यादा हो रहा था और हाइजीन के नियम भी पूरे नहीं थे। इसी वजह से जब्ती की कार्रवाई की गई है।"
अधिकारी ने यह भी समझाया कि हर किलो मिठाई में कितना रंग डालना है, इसके लिए सही नाप-जोख के साथ सख्त प्रावधान हैं। उन्होंने कहा, "इनमें से किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ, इसलिए साफ उल्लंघन बनता है। ये लोग कोई एनालिटिकल टेस्ट रिपोर्ट भी पेश नहीं कर पाए।"
यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब एक दिन पहले ही महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मिठाई बनाने वालों को चेताया था। वे पूना मर्चेंट चैंबर की तरफ से दिवाली के पकवान बांटने के लिए रखे गए कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा था कि बाजार में बनने वाले लड्डुओं में जो रंग डाले जाते हैं, वे तय सीमा और मानकों के भीतर ही रहने चाहिए। उसके अगले ही दिन गायत्री लड्डू भंडार में निरीक्षण किया गया।
दिवाली नजदीक आने के साथ मिठाइयों की मांग बढ़ रही है। इस जब्ती से दिखता है कि मिठाई और त्योहार के नमकीन-पकवानों में मिलावट के खिलाफ, और गैर-मंजूर या जरूरत से ज्यादा आर्टिफिशियल रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ एफडीए का रुख सख्त है।
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