कोंढवा की सोसायटी के बाहर रात को हुड़दंग, रहवासियों की गेट पर नो पार्किंग की मांग
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कोंढवा बुद्रुक के अशरफ नगर की महावीर डिलाइट सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बाहर खड़े टेम्पो और कैब के पास रात में शराब, शोर और गाली-गलौज होती है और पुलिस से शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कोंढवा बुद्रुक के अशरफ नगर में महावीर डिलाइट को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के रहवासी परेशान हैं। उनका आरोप है कि सोसायटी के बाहर जमा होने वाले कमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों और लोगों के झुंड की वजह से उनका जीना मुश्किल हो गया है। रहवासियों के मुताबिक कंपाउंड की दीवार के साथ और एंट्रेंस के पास खड़े टेम्पो और कैब देर रात शराब पीने, सिगरेट-बीड़ी फूंकने, चिल्लाने और गाली-गलौज करने का अड्डा बन गए हैं। उनका यह भी कहना है कि सोसायटी के अंदर कचरा और शराब की खाली बोतलें फेंकी जाती हैं। रहवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, इससे लोगों में गुस्सा है।
बताया गया है कि यह सब पिछले कुछ महीनों से चल रहा है। सोसायटी अशरफ नगर के सर्वे नंबर 5 में डीआईटी कॉलेज के पीछे है। रहवासियों का आरोप है कि इलाके की दूसरी सोसायटियों के बाहर अवैध पार्किंग पर पुलिस की कार्रवाई हुई तो गाड़ियां महावीर डिलाइट की दीवार वाली पट्टी पर आ गईं। अब वहां टेम्पो और ओला-उबर की कैब दिन-रात बेतरतीब खड़ी रहती हैं।
रहवासियों का कहना है कि ये गाड़ियां सिर्फ पार्किंग के लिए नहीं हैं। उनके मुताबिक रात को नशे में धुत नौजवानों की टोलियां इन गाड़ियों के अंदर और आसपास बैठती हैं और आधी रात या रात एक बजे तक पीती, चिल्लाती और गालियां देती हैं। महफिल खत्म होने के बाद शराब की खाली बोतलें और नॉन-वेज खाने का कचरा सोसायटी के अंदर फेंक दिया जाता है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि टेम्पो के अंदर पटाखे जलाकर सोसायटी के कंपाउंड में फेंके जाते हैं। उनके हिसाब से इन हरकतों से परिसर में रहने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
इस सबसे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रहवासियों ने बताया कि शाम के बाद घर से बाहर निकलना, या सोसायटी के गेट से आना-जाना, अब फिक्र की बात बन गया है। मुख्य गेट के पास खड़ी गाड़ियां सोसायटी का रास्ता भी रोकती हैं। लोगों को डर है कि इमरजेंसी में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी को अंदर आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। कुछ दिन पहले सोसायटी के पदाधिकारियों ने एक नाबालिग को संदिग्ध हरकत करते और कुछ सूंघते हुए पकड़ा था। रहवासियों के मुताबिक वक्त रहते मामला संभल गया, लेकिन इससे माता-पिता की चिंता और बढ़ गई है। उनका आरोप है कि गड़बड़ी रोज बढ़ रही है और प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा।
सोसायटी के चेयरमैन सम्यक लालवानी और रहवासियों ने 8 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) और कोंढवा पुलिस को चिट्ठी लिखकर दखल देने की मांग की थी। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने पुलिस बुलाने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर कई बार फोन किया। लेकिन उनका आरोप है कि हुड़दंग करने वाले पुलिस के पहुंचने से पहले भाग जाते हैं और पुलिस के लौटते ही वापस आ जाते हैं। रहवासियों की मांग है कि इस जगह को नो पार्किंग जोन घोषित किया जाए, पुलिस की नियमित गश्त शुरू हो और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उनका कहना है कि बार-बार पूछताछ के बावजूद अधिकारियों ने ठोस कदम नहीं उठाया। रहवासी इस मामले में महानगरपालिका के पास भी गए, पर उनके दावे के मुताबिक स्थानीय स्तर पर उन्हें कोई कारगर मदद नहीं मिली।
महावीर डिलाइट सोसायटी के पदाधिकारी महेश माली और दिनेश माली ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने कथित अवैध पार्किंग और हुड़दंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो रहवासी सड़क पर उतर सकते हैं। उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन की कथित बेरुखी से जिम्मेदार लोगों के हौसले बढ़ गए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से फौरन दखल देकर इलाके में व्यवस्था बहाल करने की अपील की है।
चेयरमैन सम्यक लालवानी ने कहा कि रहवासियों ने सोसायटी के बाहर नो पार्किंग जोन की मांग की थी, मगर बार-बार पीछे लगने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी महानगरपालिका के पास गई थी, लेकिन वहां से कोई कारगर मदद नहीं मिली।
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