बीड में नगर रोड के क्लिनिक पर छापा, बिना डिग्री इलाज करने वाला कथित फर्जी डॉक्टर पुलिस के कब्जे में
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संजीवनी आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र पर सेहत विभाग, एफडीए और शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऋषिकेश कानडे को हिरासत में लिया गया।
बीड जिले में फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा कसने की मुहिम के तहत पुलिस ने एक और कथित बोगस डॉक्टर को पकड़ा है। बीड शहर के नगर रोड पर संत भगवान बाबा चौक के पास चल रहे 'संजीवनी आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र' पर छापा मारा गया। यह कार्रवाई आरोग्य विभाग, अन्न व औषध प्रशासन (FDA) और शहर पुलिस ने मिलकर की।
बताया गया है कि इस क्लिनिक में कोई मेडिकल डिग्री न होने के बावजूद प्रैक्टिस चल रही थी और संबंधित व्यक्ति को मौके पर ही रंगेहाथ पकड़ा गया। इस घटना से शहर में काफी हड़कंप मच गया है।
कुछ दिन पहले जिलाधिकारी ने एक खास बैठक में बोगस डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आरोग्य विभाग चौकस हो गया है। इससे थोड़े दिन पहले केज तालुका में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। गुरुवार को प्रशासन को बीड शहर के बीचोबीच नगर रोड पर चल रहे इस फर्जी क्लिनिक की खबर मिली।
जांच में कई चौंकाने वाली बातें निकलीं। कागजों पर यह दवाखाना मुंबई, पुणे और बुलढाणा के रजिस्टर्ड डॉक्टरों के नाम पर चलाया जा रहा था। हकीकत में उन नामों और सर्टिफिकेट का गलत इस्तेमाल करके ऋषिकेश कानडे नाम का शख्स मरीजों का इलाज कर रहा था। उसके पास न कोई मेडिकल योग्यता थी और न कानूनी डिग्री। नस और हड्डियों की बीमारियों के इलाज के नाम पर यह सारा धंधा चल रहा था।
गुप्त जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ क्लिनिक पर छापा मारा। घंटों चली तलाशी में दवाखाने से बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक और मरीजों के इलाज के रिकॉर्ड जब्त किए गए।
पुलिस ने संबंधित कथित फर्जी डॉक्टर को तुरंत हिरासत में ले लिया है। शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। यानी फिलहाल उसे हिरासत में लिया गया है और गिरफ्तारी या एफआईआर की औपचारिकता अभी जारी है।
जिले में फर्जी डिग्रियों के सहारे आम लोगों को ठगने वाले ऐसे नीम-हकीमों के खिलाफ प्रशासन ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद बोगस डॉक्टरों में खलबली मची हुई है।
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