गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पिंपरी चिंचवड मनपा के चीफ इंजीनियर पर रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज

पिंपरी चिंचवड मनपा के चीफ इंजीनियर पर रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

एंटी करप्शन ब्यूरो ने जलापूर्ति के पांच टेंडर के एग्रीमेंट पर दस्तखत के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में प्रमोद सुधाकर ओभासे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुणे, 29 अक्टूबर 2026: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) के चीफ इंजीनियर प्रमोद सुधाकर ओभासे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार से रिश्वत मांगी, ताकि जलापूर्ति विभाग के पांच कामों के एग्रीमेंट पर दस्तखत हो सकें। इन कामों की कुल कीमत 91.57 लाख रुपये है।

ACB में की गई शिकायत के मुताबिक ठेकेदार को जलापूर्ति नेटवर्क के रखरखाव और मरम्मत के साथ नई पाइपलाइन बिछाने के पांच टेंडर मिले थे। इन सभी कामों की कुल कीमत 91,57,068 रुपये थी। वर्क ऑर्डर मिलने से पहले ठेकेदार को महानगरपालिका के साथ एग्रीमेंट करना था। इसके लिए जलापूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर, दोनों के दस्तखत जरूरी थे।

शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदार ने एग्रीमेंट तैयार किए, कंपनियों की तरफ से जरूरी दस्तखत करवाए और फाइलें मंजूरी के लिए PCMC में जमा कर दीं। इसके बावजूद फाइलें अटकी रहीं।

ACB के दस्तावेज में बताया गया है कि सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अजय सूर्यवंशी ने कथित तौर पर एग्रीमेंट पर दस्तखत के लिए ठेकेदार से 45,785 रुपये मांगे थे। यह रकम कुल टेंडर कीमत का 0.5 प्रतिशत बताई गई है। ठेकेदार ने उन्हें कथित तौर पर कहा कि काम पूरा होने के बाद इस पर बात की जा सकती है। शिकायत के मुताबिक इसके बाद सूर्यवंशी ने पांच में से तीन टेंडर फाइलों पर दस्तखत किए और उन्हें ओभासे के पास भेज दिया।

फाइलें काफी समय तक अटकी रहने पर ठेकेदार 29 मई 2026 को ओभासे से मिला। ACB के मुताबिक इस मुलाकात में चीफ इंजीनियर ने कथित तौर पर एग्रीमेंट पर दस्तखत के लिए 45,785 रुपये मांगे। यह रकम भी पांचों टेंडर की कुल कीमत का 0.5 प्रतिशत थी।

ठेकेदार ने 11 जून को ACB में शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन हुई सत्यापन की कार्रवाई में अधिकारियों को पता चला कि ओभासे ने कथित तौर पर 19,000 रुपये मांगे थे। यह रकम उन तीन टेंडर फाइलों की 38 लाख रुपये की कीमत का 0.5 प्रतिशत है, जो उनकी टेबल पर पड़ी थीं। ACB के दस्तावेज में यह भी लिखा है कि ओभासे ने इससे पहले ठेकेदार से रिश्वत लेने की बात मानी।

29 अक्टूबर को पिंपरी चिंचवड के संत तुकाराम नगर पुलिस स्टेशन में ओभासे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। ACB ने बताया कि जांच के लिए उन्हें दोपहर 3 बजे हिरासत में लिया गया।

यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक नीता मिसाळ की अगुवाई में हुई। इसकी निगरानी पुलिस उपाधीक्षक सतीश वाळके ने की और पुणे परिक्षेत्र के अधीक्षक शिरीष सरदेशपांडे का मार्गदर्शन रहा। पुणे ACB की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सत्यापन और आगे की कार्रवाई की।

ACB ने लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई भी जानकारी या रिश्वत मांगने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दें। इसके लिए 020-26132802, 020-25122134, 9403781064 या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया जा सकता है।

#पुणे#जुर्म#PT24#Crime#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे