पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने सीनियर इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसवालों को सस्पेंड किया
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दिवाली से ठीक पहले मार्केटयार्ड थाने के सीनियर इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप, फुरसुंगी की महिला सब-इंस्पेक्टर और काळेपडळ की महिला कर्मचारी पर कार्रवाई हुई है।
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने दिवाली के मौके पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों समेत तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है। इस कदम से पुलिस महकमे को साफ संदेश गया है कि काम में लापरवाही या कोताही बरतने वालों पर सीधे सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है।
तीनों में से एक मामला हवाला से जुड़ा है, जिसमें पुलिस की भूमिका को लेकर संबंधित थाने के वरिष्ठ अधिकारी पर गाज गिरी है। बाकी दो मामलों में एक महिला अधिकारी और एक महिला कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है।
मार्केटयार्ड थाने के सीनियर इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को 30 लाख रुपये के हवाला मामले की वजह से सस्पेंड करने के आदेश पुलिस कमिश्नर ने दिए हैं।
शिकायत के मुताबिक, पंद्रह दिन पहले यानी 7 अक्टूबर की दोपहर शिकायतकर्ता श्रवण देवासी और गणपत देवासी दोपहिया पर जा रहे थे। तभी पांच लोगों ने उनके मुंह पर स्प्रे मारकर 30 लाख रुपये से भरा बैग छीना और भाग गए। इसकी जानकारी मार्केटयार्ड पुलिस को दी गई तो सब-इंस्पेक्टर अक्षयकुमार गडगडे और उनके साथ के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
घटना की जानकारी लेने के बाद पुलिस वाले वापस थाने लौट गए। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पुलिस ने उनकी शिकायत एक कागज पर लिख ली और कहा कि कैमरे देखने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। इसके बाद दोनों कई बार शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काटते रहे। फिर भी अधिकारियों ने लूट का मामला दर्ज नहीं किया और सिर्फ प्रॉपर्टी मिसिंग की शिकायत दर्ज कर ली।
यह बात जब पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के कानों तक पहुंची तो उन्हें इसमें अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदारी दिखी। अनुशासन पसंद पुलिस बल की छवि खराब होने की बात कहकर उन्होंने सीनियर इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को सस्पेंड कर दिया।
दूसरी कार्रवाई फुरसुंगी थाने में तैनात महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर कोमल कचरू जाधव पर हुई है। एक गंभीर अपराध की जांच उनके पास थी और आदेश के मुताबिक उन्होंने जांच में गंभीर खामियां छोड़ीं और ऐसी गलतियां कीं जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता।
इसी मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। जांच अधिकारी के तौर पर जाधव ने अदालत में जो रिपोर्ट दी, वह अधूरी और अस्पष्ट थी। इसके अलावा सुनवाई के लिए उन्हें खुद अदालत में हाजिर रहना था, पर वे नहीं पहुंचीं। आदेश में कहा गया है कि इन्हीं वजहों से पुलिस कमिश्नर ने सस्पेंशन की कार्रवाई की।
तीसरी कार्रवाई महिला कर्मचारी अश्विनी केकान पर हुई है, जो कालेपडल थाने में तैनात हैं। उन पर शराब पीकर चारपहिया गाड़ी उल्टी दिशा में चलाने, गाड़ी को फुटपाथ से टकराने और आम लोगों व दूसरे वाहन चालकों को गाली देने का आरोप है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने उन्हें सस्पेंड किया। बताया गया है कि यह घटना तब हुई जब वे दो दिन की छुट्टी पर थीं।
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