शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पुणे में डेंगू के मरीज बढ़े, महापालिका ने एक हज़ार से ज़्यादा निर्माण साइट्स को थमाए नोटिस

पुणे में डेंगू के मरीज बढ़े, महापालिका ने एक हज़ार से ज़्यादा निर्माण साइट्स को थमाए नोटिस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

पुणे महापालिका ने डेंगू का फैलाव रोकने के लिए एक हज़ार से ज़्यादा निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किए हैं। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने यह जानकारी दी।

पुणे शहर में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुणे महापालिका ने रोकथाम के उपायों पर ज़ोर दिया है। डेंगू का फैलाव रोकने के लिए एक हज़ार से ज़्यादा निर्माण स्थलों को नोटिस भेजे गए हैं। यह जानकारी स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने दी।

महापालिका की बैठक में सेहत और पानी की सप्लाई से जुड़े कई मुद्दों का जायज़ा लिया गया। भिमाले के मुताबिक डेंगू पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, कीटक नियंत्रण विभाग, महापालिका के अस्पतालों और डॉक्टरों के बीच तालमेल बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। शहर में कीटनाशक के छिड़काव, फॉगिंग और डेंगू सर्वे के काम की भी समीक्षा हुई। भिमाले ने बताया कि लोगों में डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए पर्चों और दूसरे प्रचार माध्यमों से सही जानकारी पहुंचाने की ज़रूरत है।

निर्माण स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। डेंगू के मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर जमा होने वाले पानी की नियमित जांच और सफाई ज़रूरी है। इसी वजह से एक हज़ार से ज़्यादा साइट्स को नोटिस दिए गए हैं। इन जगहों पर नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर नज़र रखी जाएगी और लापरवाही मिलने पर नियम के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में शहर की पानी की किल्लत का मुद्दा भी उठा। स्विमिंग पूल, गाड़ी धोने के वॉशिंग सेंटर और निर्माण कामों में पानी के इस्तेमाल पर नियंत्रण रखने की बात रखी गई। पानी की बर्बादी रोकने के लिए इन प्रतिष्ठानों और निर्माण प्रोजेक्ट्स से नियमों का सख्ती से पालन करवाने की ज़रूरत बताई गई। म्हाळुंगे और पीएमआरडीए इलाके के गोदरेज समेत बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में पानी की सप्लाई, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और दूसरी बुनियादी सुविधाएं देने की ज़िम्मेदारी बिल्डरों और संबंधित प्राधिकरणों की है, यह मुद्दा भी चर्चा में आया।

बैठक में टैंकर चालकों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। समाविष्ट गांवों और ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत का फायदा उठाकर ज़्यादा दाम पर पानी बेचने वाले टैंकर चालकों के खिलाफ कदम उठाने को कहा गया। करीब 700 रुपये या उससे ज़्यादा में पानी बेचने वाले और नियम तोड़ने वाले चालकों पर दोगुना जुर्माना लगाने, संबंधित टेंडर रद्द करने और दोषी चालकों को ब्लैकलिस्ट करने जैसे उपायों पर चर्चा हुई। भिमाले ने बताया कि इन उपायों का मकसद लोगों को राहत देना और पानी की सप्लाई में गड़बड़ी रोकना है।

#पुणे#सेहत#PT24#Health#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे