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पुणे में इस साल डेंगू के 2,291 मरीज, नगर निगम आयुक्त ने मच्छर पनपने पर सख्ती के दिए आदेश

पुणे में 1 जनवरी से 20 अक्टूबर 2026 तक डेंगू के 2,291 मामले दर्ज हुए। नगर निगम आयुक्त नवल किशोर राम ने शनिवार को समीक्षा कर विभागों को मच्छरों के ठिकानों पर कार्रवाई तेज करने को कहा।

पुणे में इस साल डेंगू के 2,291 मरीज, नगर निगम आयुक्त ने मच्छर पनपने पर सख्ती के दिए आदेश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे नगर निगम के आयुक्त नवल किशोर राम ने शनिवार को शहर में डेंगू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। इस साल पुणे में डेंगू के मामलों की गिनती 2,291 तक पहुंच गई है। इसी को देखते हुए उन्होंने निगम के सभी विभागों से कहा कि मच्छर पनपने की जगहों पर कार्रवाई और तेज की जाए।

राम ने बाणेर में डॉ. नायडू संक्रामक रोग अस्पताल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने देखा कि डेंगू के मरीजों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।

पुणे महानगरपालिका (PMC) के मुताबिक 1 जनवरी से 20 अक्टूबर 2026 के बीच डेंगू के 2,291 मामले दर्ज हुए। यह आंकड़ा पिछले साल के कुल 2,391 मामलों के काफी करीब पहुंच चुका है। वहीं 2024 में दर्ज 4,908 मामलों से यह काफी कम है।

राम ने कहा, "नागरिक घबराएं नहीं।" उन्होंने लोगों से कहा कि डेंगू जैसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए नजदीकी निगम या प्राइवेट अस्पताल में जाएं। उन्होंने बताया कि शहर में बेड और दवाइयां काफी हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें।

आयुक्त ने स्वास्थ्य, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण विरोधी और ठोस कचरा प्रबंधन विभागों से कहा कि रोकथाम का काम मिलकर करें। उनके मुताबिक ज्यादा ध्यान कंस्ट्रक्शन साइटों, कचरे के ढेरों और ऐसी दूसरी जगहों के जमा पानी पर रहेगा, जहां मच्छर पनपते हैं।

इस साल निगम की जांच मुहिम में करीब 14 लाख घर देखे गए और पानी जमा करने वाले 28,31,386 बर्तनों की जांच हुई। इनमें से 18,885 बर्तनों में एडीज मच्छर के लार्वा मिले। ये बर्तन 13,000 घरों में थे। निगम ने 2,664 प्रॉपर्टी को नोटिस दिए हैं और जुर्माने के तौर पर 6.30 लाख रुपये वसूले हैं।

निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए 4,409 बेड रखे गए हैं, जिनमें 670 ICU बेड हैं। निगम के अस्पतालों में 333 बेड हैं और उनमें से छह ICU में हैं। PMC ने बताया कि इन सभी बेड में से करीब आधे अभी खाली हैं। डॉ. नायडू अस्पताल में डेंगू के लिए 50 बेड तय हैं, जिनमें 35 खाली पड़े हैं। अधिकारियों ने कहा कि निगम के अस्पतालों में सारी जांच और इलाज मुफ्त है।

जांच के लिए निगम ने अपने सभी दवाखानों में रैपिड डायग्नोस्टिक किट रखवा दी हैं। डॉ. नायडू, डॉ. कोटनीस और कमला नेहरू अस्पताल में पक्की जांच मुफ्त में हो रही है। प्राइवेट और सरकारी, दोनों तरह के अस्पतालों से कहा गया है कि डेंगू का हर केस इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पोर्टल पर दर्ज करें और एक ही केस की दोबारा एंट्री न करें।

अधिकारियों से कहा गया है कि जहां ज्यादा मामले आ रहे हैं, उन इलाकों को पहले लिया जाए। मरीजों के घरों के आसपास और पास की बंद जगहों में फॉगिंग होगी। स्टाफ से कहा गया है कि खुले इलाकों में हर जगह छिड़काव न करें। जमा पानी में जैविक लार्वानाशक का इस्तेमाल किया जाएगा।

लोगों तक बात पहुंचाने के लिए निगम रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले, रेडियो संदेश और कचरा उठाने वाली गाड़ियों पर घोषणाएं करवा रहा है। लोगों से कहा गया है कि पानी की टंकियां ढककर रखें, जमा पानी हटाएं, जांच टीमों का सहयोग करें और हर हफ्ते एक दिन सूखा दिवस मनाएं।

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