मुंढवा जमीन घोटाला: EOW ने सांसद पार्थ पवार को भेजा नोटिस, बयान दर्ज करने की तैयारी
पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मुंढवा की 40 एकड़ जमीन के सौदे में सांसद पार्थ पवार को नोटिस भेजा है।
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पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मुंढवा जमीन घोटाले के सिलसिले में सांसद पार्थ पवार को नोटिस भेजा है। अब उनका बयान दर्ज करने की तैयारी चल रही है। मकसद यह पता लगाना है कि अमाडिया एंटरप्राइजेज से जुड़े 40 एकड़ जमीन के इस विवादित सौदे में उनकी कोई भूमिका थी या नहीं।
जांच करने वाले अफसर पवार से कंपनी के साथ उनके कथित रिश्ते के बारे में पूछताछ करने वाले हैं। मामले से जुड़े दूसरे लोगों से उनकी बातचीत भी सवालों में शामिल रहेगी। इनमें शीतल तेजवानी और दिग्विजय पाटिल के नाम हैं। पूछताछ इस पर रहेगी कि उन्हें सौदे की कितनी जानकारी थी, इन लोगों से उनका कैसा नाता था और जमीन के सौदे के वक्त हालात क्या थे।
मामला मुंढवा की 40 एकड़ जमीन की अमाडिया एंटरप्राइजेज को हुई बिक्री का है। जमीन के हस्तांतरण में कथित गड़बड़ियों और करीब 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी न चुकाने को लेकर यह सौदा जांच के दायरे में आया।
जांच के मुताबिक शीतल किशनचंद तेजवानी के पास 272 जमीन मालिकों की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी थी और उन्होंने ही जमीन की बिक्री करवाई। दिग्विजय अमरसिंह पाटिल अमाडिया एंटरप्राइजेज में पार्टनर हैं। जांच करने वाले अफसर इन लोगों के आपसी संबंधों और सौदे में हर एक की भूमिका को परख रहे हैं।
करीब 21 करोड़ रुपये की कथित स्टांप ड्यूटी चोरी जांच का एक अहम हिस्सा है। अफसर देख रहे हैं कि सरकारी आदेशों और जमीन के दस्तावेज़ों की रजिस्ट्री में क्या गड़बड़ी हुई।
निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येवले पर आरोप है कि उन्होंने इस सौदे से जुड़े गलत आदेश जारी किए। निलंबित सब-रजिस्ट्रार रवींद्र बालकृष्ण तारू पर दस्तावेज़ों की रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के मामलों में गड़बड़ी करने का आरोप है।
पुलिस इस केस में तेजवानी और पाटिल के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच अब भी जारी है। घटनाओं का क्रम, संबंधित अफसरों की भूमिका और सौदे से जुड़े दूसरे लोगों की कोई संलिप्तता रही हो तो उसका पता लगाया जा रहा है।
पवार का बयान दर्ज करने का EOW का कदम इस हाई-प्रोफाइल जमीन सौदे की जांच में एक और पड़ाव है। उम्मीद है कि उनके बयान से सौदे के हालात साफ होंगे और इससे जुड़े लोगों की संलिप्तता कितनी थी, यह तय करने में मदद मिलेगी।
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