पुणे में डेंगू के मामले पिछले साल के करीब, आयुक्त नवल किशोर राम ने डॉ. नायडू अस्पताल में तैयारियां जांचीं
पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम ने बाणेर के नए डॉ. नायडू अस्पताल का दौरा कर डेंगू की स्थिति का जायजा लिया और लोगों से घबराने की बजाय समय पर इलाज कराने की अपील की।
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पुणे, 24 अक्टूबर 2026: पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम ने शनिवार को बाणेर में नए बने डॉ. नायडू अस्पताल का दौरा किया और शहर में डेंगू की हालत का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए बेड और दवाइयां काफी हैं, इसलिए लोग घबराएं नहीं।
पुणे महानगरपालिका (PMC) के आंकड़ों के मुताबिक इस साल 1 जनवरी से 20 अक्टूबर 2026 तक शहर में डेंगू के 2,291 मामले दर्ज हुए। 2024 में 4,908 और 2025 में 2,391 मामले आए थे। यानी इस साल का आंकड़ा पिछले साल के कुल आंकड़े के काफी करीब पहुंच चुका है।
दौरे में राम ने डेंगू की स्थिति, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता, इलाज की सुविधाएं और मच्छरों को पनपने से रोकने के उपायों की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, निर्माण, अतिक्रमण और ठोस कचरा प्रबंधन विभागों को आपस में तालमेल बनाकर रोकथाम के काम तेज करने को कहा। प्रशासन का खास जोर उन जगहों पर है जहां पानी जमा होने से मच्छर पनप सकते हैं, यानी निर्माण स्थल, कचरा डालने की जगहें और अतिक्रमण वाले इलाके।
PMC के मुताबिक पुणे के निजी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए 4,409 बेड हैं, जिनमें 670 इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) बेड शामिल हैं। महानगरपालिका के अस्पतालों में 333 बेड हैं, जिनमें छह ICU बेड हैं। यानी कुल 4,742 बेड मौजूद हैं। औसतन करीब 50 फीसदी बेड खाली हैं और PMC ने मरीजों से कहा है कि वे सिर्फ कुछ बड़े अस्पतालों में ही इलाज पर अड़े न रहें।
डॉ. नायडू अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 50 बेड रखे गए हैं। प्रशासन के मुताबिक इनमें रोज 10 से 15 भरे रहते हैं और करीब 35 बेड खाली हैं। यहां इलाज मुफ्त है। अफसरों को निर्देश दिया गया है कि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को डॉ. नायडू अस्पताल और कमला नेहरू अस्पताल में फौरन इलाज मिले। डेंगू के सभी वार्डों में मच्छरदानी लगाना जरूरी कर दिया गया है। राम ने लोगों से कहा कि डेंगू के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और नजदीकी महानगरपालिका या दूसरे अस्पताल में जाएं।
मच्छरों की निगरानी और रोकथाम मुहिम में PMC की टीमें करीब 14 लाख घरों में गई हैं और 28,31,386 बर्तनों और पानी जमा करने की जगहों की जांच की है। 13,000 घरों के 18,885 बर्तनों में एडीज प्रजाति के मच्छरों के लार्वा मिले। नियम तोड़ने पर 2,664 संपत्तियों को नोटिस दिया गया और 6.30 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। एडीज मच्छर डेंगू फैलाता है और आम तौर पर बर्तनों जैसी चीजों में जमा ठहरे पानी में पनपता है।
प्रशासन ने मच्छर पनपने की वजहें गिनाई हैं: बदलता मौसम, बढ़ता निर्माण कार्य, पानी कटौती की वजह से पानी का भंडारण, और घर के अंदर के पौधों व छत के बगीचों के गमलों और ट्रे में ठहरा पानी।
टेस्ट के लिए PMC ने अपने सभी दवाखानों में रैपिड डायग्नॉस्टिक किट (RDK) रखी हैं, जिनसे डेंगू की जांच मुफ्त होती है। डॉ. नायडू अस्पताल, डॉ. कोटनीस अस्पताल और कमला नेहरू अस्पताल जैसे तय सेंटिनल सेंटरों पर पुष्टि वाली जांच भी मुफ्त है, और वहां सीरम के नमूने भेजे जा सकते हैं। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से कहा गया है कि डेंगू मरीजों को इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पोर्टल पर दर्ज करें और दोहरी एंट्री से बचें, ताकि मामलों की गिनती सही रहे।
जहां डेंगू के ज्यादा मामले आ रहे हैं, वहां कीटनाशक छिड़काव और बाकी रोकथाम को पहले रखा जा रहा है। अफसरों से कहा गया है कि खुले इलाकों में बेवजह छिड़काव न करें, तय फॉगिंग प्रोटोकॉल के हिसाब से काम करें। ध्यान मरीज के घर और उसके आसपास के बंद हिस्सों पर रहेगा, और फॉगिंग उचित समय तक की जाएगी। जमा किए गए पानी में जैविक लार्वानाशक भी डाले जाएंगे, खासकर उन इलाकों में जहां कम सप्लाई के दौरान लोग पानी भरकर रखते हैं।
जागरूकता मुहिम भी तेज की गई है। रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले, रेडियो और कचरा उठाने वाली गाड़ियों पर बजते ऑडियो संदेशों के जरिए लोगों तक बात पहुंचाई जा रही है। ये ऑडियो क्लिप रोज बजाई जाती हैं और सभी 15 वार्ड ऑफिसों को ऑडियो पेन ड्राइव दी गई हैं। प्रशासन हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारियों से कह रहा है कि छतें और पानी की टंकियां साफ रखें। स्कूलों से कहा गया है कि बच्चों को डेंगू से बचाव समझाने के लिए निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराएं। लोगों से हर हफ्ते एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील है, यानी पानी के बर्तन खाली करके साफ करें।
PMC ने लोगों से कहा है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियां ढककर रखें और निरीक्षण करने आने वाली टीमों का सहयोग करें। लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेकर समय पर इलाज कराने को कहा गया है। ठीक होने के लिए पूरा आराम, ताजा और पौष्टिक खाना और भरपूर तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पुणे में डेंगू को फैलने से रोकने के लिए महानगरपालिका के विभागों की मिली-जुली कार्रवाई और लोगों का सहयोग जरूरी होगा।
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