दिवाली से पहले पुणे RTO की बसों पर जांच, 929 में से 315 में गड़बड़ी, 25.82 लाख वसूले
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पुणे RTO ने 1 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चले विशेष अभियान में 929 बसों की जांच की और 315 में नियमों का उल्लंघन पाया।
दिवाली की भीड़ से पहले पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने बसों की जांच का विशेष अभियान चलाया। यह अभियान 1 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चला। इस दौरान RTO ने कुल 929 बसों को चेक किया और उनमें से 315 बसों में नियमों का उल्लंघन मिला।
इस अभियान से RTO को कुल 25.82 लाख रुपये की वसूली हुई। इसमें 23.53 लाख रुपये जुर्माने के थे और 2.29 लाख रुपये बकाया टैक्स के रूप में आए।
अधिकारियों ने बताया कि जांच शहर और उसके आसपास चलने वाली बसों की हुई। जिन 315 गाड़ियों पर कार्रवाई हुई, उनमें से अब तक 185 मामलों का फैसला हो चुका है। इन दो महीनों में एक भी बस को जब्त नहीं किया गया।
उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वप्निल भोसले ने कहा कि इस अभियान का मकसद यह पक्का करना था कि त्योहारों के मौसम में बस चलाने वाले परिवहन के नियमों का पालन करें। इस वक्त सफर की मांग काफी बढ़ जाती है। उनके मुताबिक इस कार्रवाई से यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होनी चाहिए और बस ऑपरेटर RTO के नियम मानने के लिए आगे आएंगे।
अभियान दो चरणों में चला। सितंबर में RTO ने 433 बसों की जांच की और 154 में गड़बड़ी पाई। इनमें से 122 मामलों का फैसला हुआ और 13.80 लाख रुपये वसूले गए। इस रकम में 12.43 लाख रुपये जुर्माना और 1.37 लाख रुपये टैक्स शामिल है।
अक्टूबर में जांच और तेज की गई। इस महीने 496 बसें चेक हुईं और 161 में उल्लंघन मिला। RTO ने 63 मामलों का फैसला किया और 12.02 लाख रुपये वसूल किए। इसमें 11.10 लाख रुपये जुर्माने के थे और 92,000 रुपये टैक्स के।
आंकड़ों से दिखता है कि सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में ज्यादा बसों की जांच हुई, लेकिन इस महीने फैसले वाले मामले कम रहे। भोसले ने कहा कि आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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