मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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दुबई से साइबर ठगी का पैसा घुमाने का आरोपी गिरफ्तार, 150 से ज्यादा खातों का इस्तेमाल

दुबई से साइबर ठगी का पैसा घुमाने का आरोपी गिरफ्तार, 150 से ज्यादा खातों का इस्तेमाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पिंपरी चिंचवड साइबर पुलिस ने इंटरपोल की मदद से 26 साल के सुमंत उर्फ नानू रवींद्र दसरे को गिरफ्तार किया है, जिस पर दुबई से चीनी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर नेटवर्क चलाने का आरोप है।

पुणे, 3 नवंबर 2026: अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिंपरी चिंचवड साइबर पुलिस ने इंटरपोल की मदद से 26 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह दुबई से चीनी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर यह नेटवर्क चला रहा था।

आरोपी की पहचान निगडी के रहने वाले सुमंत उर्फ नानू रवींद्र दसरे के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम इधर-उधर घुमाई। इस मामले में पुलिस ने उसके दो कथित साथियों को भी गिरफ्तार किया है। ये हैं चिखली के रहने वाले तुषार अमराराम चौधरी (29) और आकुर्डी के आदर्श संतोष वाघमारे (27)।

पुलिस उपायुक्त रोहिदास पवार ने बताया कि साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल से जुड़ा एक मामला दर्ज किया था, उसी से जांच शुरू हुई। पुलिस ने बैंक खाते जुटाने वाले एक नेटवर्क का पता लगाया और चौधरी व वाघमारे को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि वे अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे और उनकी जानकारी दुबई से काम कर रहे दसरे को दे देते थे। साइबर ठगी के शिकार लोगों से हड़पा गया पैसा दसरे इन्हीं खातों में डलवाता था। दोनों साथी अपना कमीशन रखकर बाकी रकम दुबई भेज देते थे।

पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन में दसरे के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। इंटरपोल की मदद से उसे दुबई में हिरासत में लिया गया। भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण स्वामी और उनकी टीम ने उसे अपनी कस्टडी में लिया।

जांच में सामने आया कि दसरे शुरू में दुबई में एक साइबर ठगी ऑपरेशन के लिए काम करता था और उसे हर महीने 6,000 दिरहम तनख्वाह मिलती थी। वह शेयर ट्रेडिंग और टास्क वाली ठगी के लिए लोगों को कॉल और मैसेज करता था, और ठगी गई रकम पर उसे 4 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

आरोप है कि बाद में वह चीनी आरोपियों के दिए अंतरराष्ट्रीय कार्ड मॉल में स्वाइप करके महंगी चीजें खरीदने लगा। ठगी का पूरा तरीका समझ लेने के बाद उसने चीनी संचालकों के साथ साझेदारी कर ली और ठगी की रकम में से 20 प्रतिशत हिस्सा लेने लगा।

पुलिस के मुताबिक, इस काम के लिए दसरे ने चौधरी और वाघमारे के जरिए 150 से ज्यादा बैंक खाते जुटाए। पुलिस ने बताया कि उसने कबूल किया है कि इस गैरकानूनी धंधे से अब तक उसने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए हैं।

पिंपरी चिंचवड पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और बैंक खातों के गलत इस्तेमाल के 93 मामले दर्ज किए हैं। ताजा गिरफ्तारियां वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविकिरण नाले और पुलिस निरीक्षक दिगंबर गायकवाड की अगुआई वाली टीम ने की। टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण स्वामी, वैभव पाटिल, उप निरीक्षक रोहित डोलस, सागर पोमन, प्रकाश कटकाडे और विद्या पाटिल शामिल थे।

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