त्योहार से पहले पुणे में FDA का छापा, 9 हजार किलो पनीर और 440 किलो खवा जब्त
अन्न व औषध प्रशासन ने पुणे के कई इलाकों में जांच कर पनीर, खवा, खाद्य तेल और दूसरे खाने के सामान का बड़ा स्टॉक जब्त किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
त्योहारों के मौसम में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाने-पीने की चीजें बेचने वालों के खिलाफ अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। पुणे के अलग-अलग इलाकों में की गई जांच में 9 हजार किलो पनीर, 440 किलो खवा, 77.75 किलो अलग-अलग खाने का सामान और 9 हजार 888 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया। जांच में खाने के सामान की गलत तरीके से ढुलाई और स्टोरेज, खुले में बिक्री, गलत लेबल और साफ-सफाई के नियमों की अनदेखी सामने आई।
बावधन, कसबा पेठ और बिबवेवाडी इलाके में पनीर और खवा बिना कंट्रोल किए तापमान में ले जाया और रखा जा रहा था। इसके अलावा इन्हें खुले में बेचा भी जा रहा था। इसी वजह से 9 हजार किलो पनीर और 440 किलो खवा जब्त किया गया। एफडीए को शक है कि ये चीजें इंसानों के खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इस बारे में आगे की कार्रवाई जारी है।
मार्केट यार्ड में मे. 3डी मसाले अँड ड्रायफ्रूट्स नाम की दुकान में जांच के दौरान चाय और फ्लेवर्ड ड्रिंक कॉन्सन्ट्रेट समेत कुल 77.75 किलो सामान जब्त हुआ। शक है कि इन चीजों की क्वालिटी खराब है, वे असुरक्षित हैं और लेबलिंग में भी कमी है। यहां भी साफ-सफाई के नियम तोड़े गए थे। उधर पौड रोड पर चांदणी चौक इलाके में सूर्यम एंटरप्रायजेस से अलग-अलग किस्म के खाद्य तेल का 9 हजार 888 लीटर स्टॉक जब्त किया गया। इन सभी मामलों में अन्न सुरक्षा नियमों के हिसाब से आगे की कार्रवाई चल रही है।
एफडीए ने मिथेनॉल से जुड़ी कंपनियों पर भी कार्रवाई की है। जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में मिथेनॉल से जुड़ी कंपनियों की जांच का अभियान शुरू किया गया था। राज्य में मिथेनॉल से जुड़ी सबसे ज्यादा कंपनियां पुणे विभाग में हैं, इसलिए पिछले चार महीने से यहां इन कंपनियों के कामकाज की जांच हो रही थी। अब विभाग के सभी 102 लाइसेंसधारकों की जांच पूरी हो चुकी है।
जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 43 कंपनियों पर कार्रवाई की गई। इनमें से 28 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 15 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। लाइसेंस निलंबित करना और रद्द करना, दोनों अलग-अलग प्रशासनिक कार्रवाइयां हैं।
मिथेनॉल के स्टॉक, खरीद-बिक्री, इस्तेमाल और हैंडलिंग के नियम पहले से तय हैं। इसलिए एफडीए नए नियम बनाने के बजाय मौजूदा नियमों को सही तरीके से लागू करने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने को तरजीह दे रहा है। जांच पूरी होने के बावजूद प्रशासन की नजर इस पर रहेगी कि कंपनियां लगातार नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं। एफडीए के पुणे विभाग के सहायक आयुक्त गिरीश हुकरे ने बताया कि मिथेनॉल के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमित जांच होती रहेगी और नियम तोड़ने पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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