पुणे मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन से दो दिन पहले मान स्टेशन की छत से टपका बारिश का पानी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शिवाजीनगर-हिंजवडी मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन से दो दिन पहले मान मेट्रो स्टेशन पर बारिश का पानी रिसने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
हिंजवडी, 1 नवंबर 2026: शिवाजीनगर-हिंजवडी मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन अभी हुआ भी नहीं है, और उससे पहले ही मान मेट्रो स्टेशन पर पानी रिसने की खबर आ गई है। रविवार शाम को बारिश के दौरान स्टेशन की छत से पानी अंदर आया और यात्रियों के इस्तेमाल वाली जगहों पर जमा हो गया। उद्घाटन में बस दो दिन बचे हैं, ऐसे में निर्माण की क्वालिटी को लेकर चिंता जताई जा रही है।
यह मेट्रो लाइन 3 प्रोजेक्ट पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) टाटा ग्रुप और सीमेंस के जरिए बना रहा है। इसका उद्घाटन 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करने वाले हैं।
सोशल मीडिया पर मान मेट्रो स्टेशन के वीडियो घूम रहे हैं। इनमें छत से बारिश का पानी यात्रियों के आने-जाने वाले हिस्से और कॉनकोर्स पर टपकता दिख रहा है। स्टेशन का स्टाफ बाल्टियों और फर्श पोंछने वाले वाइपर से पानी इकट्ठा करके हटाता नजर आया।
बताया गया है कि रविवार को हिंजवडी-मान इलाके में आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी। बारिश शुरू होने के कुछ ही मिनटों में स्टेशन की छत के जोड़ों और पैनलों से पानी रिसने लगा। पानी यात्रियों के पैदल रास्ते और टिकट वाली जगह के पास जमा हुआ, जिसके बाद स्टाफ को तुरंत सफाई करनी पड़ी और पानी निकालना पड़ा।
स्थानीय लोगों और IT प्रोफेशनल्स ने सवाल उठाया है कि कॉरिडोर को जनता के लिए खोलने से पहले क्या पूरी जांच की गई थी। पानी के रिसाव से स्टेशन के बिजली के उपकरणों, एस्केलेटर, लिफ्ट और दूसरे सामान पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। यात्रियों और IT प्रोफेशनल्स की मांग है कि यात्री सेवा शुरू होने से पहले सुरक्षा से जुड़ी सारी दिक्कतें दूर की जाएं।
यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब PMRDA के कमिश्नर डॉ. अभिजीत चौधरी ने मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन की तैयारियों का ऐलान किया था। मुख्य उद्घाटन समारोह 3 नवंबर को बालेवाडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होना है। घोषित योजना के मुताबिक नियमित यात्री सेवा 4 नवंबर को कॉरिडोर के 23 में से 17 स्टेशनों पर शुरू होने की उम्मीद है।
प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट की कई खूबियां गिनाई हैं, जैसे महिला लोको पायलट और सोलर पावर से चलने वाला ढांचा। इसे पर्यावरण के अनुकूल 'पुणेरी मेट्रो' के तौर पर पेश किया जा रहा है। लेकिन लॉन्च से पहले मान स्टेशन पर हुए रिसाव से सवाल उठा है कि यात्री सेवा के लिए ढांचा तैयार है भी या नहीं।
कुछ स्थानीय लोगों और IT प्रोफेशनल्स ने पूछा है कि अगर ढांचे से जुड़ी दिक्कतें बाकी हैं तो कॉरिडोर खोलने की इतनी जल्दी क्यों है। मांग यह भी उठी है कि यात्री सेवा शुरू होने से पहले स्टेशन का फौरन निरीक्षण हो, रिसाव वाले हिस्सों की मरम्मत की जाए और निर्माण की क्वालिटी की पूरी जांच की जाए।
प्रोजेक्ट के साझेदार PMRDA और टाटा ने इस रिसाव पर क्या जवाब दिया और इसे ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए, यह खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आया था।
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