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पुणे के हिंजवडी में महिंद्रा इंटरनेशनल स्कूल: IB पढ़ाई, फीस और एडमिशन की पूरी जानकारी

हिंजवडी के महिंद्रा इंटरनेशनल स्कूल में IB के तीनों प्रोग्राम चलते हैं। स्कूल करीब 380 बच्चों वाला छोटा कैंपस है और उसने 2026-27 की फीस भी जारी की है।

पुणे के हिंजवडी में महिंद्रा इंटरनेशनल स्कूल: IB पढ़ाई, फीस और एडमिशन की पूरी जानकारी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे के हिंजवडी में महिंद्रा इंटरनेशनल स्कूल है। किसी स्कूल को सिर्फ "इंटरनेशनल" नाम की वजह से चुन लेना ठीक नहीं। पेरेंट्स को देखना चाहिए कि स्कूल असल में कौन सा करिकुलम पढ़ाता है, बच्चों का आकलन कैसे होता है, बच्चों से कितनी आज़ादी की उम्मीद की जाती है, अलग-अलग ज़रूरत वाले बच्चों के लिए क्या सहारा है, स्कूल कितना बड़ा है और आगे सीनियर सेकेंडरी और यूनिवर्सिटी का रास्ता कैसा होगा।

स्कूल की शुरुआत 1998 में हुई थी। पहले इसका नाम Mercedes-Benz International School था। गवर्निंग स्ट्रक्चर में बदलाव के बाद 2019 में इसका नाम महिंद्रा इंटरनेशनल स्कूल हो गया। यह प्राइवेट, को-एजुकेशनल और नॉट-फॉर-प्रॉफिट स्कूल है। स्कूल की अपनी वेबसाइट के मुताबिक यहां करीब 380 बच्चे हैं, उनमें 30 से ज़्यादा देशों के बच्चे हैं और टीचिंग फैकल्टी 16 देशों की है। कैंपस करीब चार एकड़ का है।

स्कूल का कहना है कि वह भारत में IB का प्राइमरी इयर्स प्रोग्राम देने की मंज़ूरी पाने वाला पहला स्कूल था। बाद में PYP और MYP दोनों देने वाला भारत का पहला स्कूल बना और 2006 में डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू होने पर IB World School बन गया। आज यहां PYP, MYP और DP तीनों हैं, यानी IB का सिलसिला शुरू से आखिर तक चलता है।

PYP में पढ़ाई सवाल पूछने और खोजने के तरीके पर टिकी है। स्कूल की प्राइमरी हैंडबुक के मुताबिक बच्चे अंग्रेज़ी सीखते हैं और घर की भाषाओं की भी इज़्ज़त की जाती है। हिंदी, फ्रेंच और अंग्रेज़ी के रास्ते बच्चे की ज़रूरत और पसंद के हिसाब से अलग-अलग स्तर पर मिलते हैं। पेरेंट्स को इनक्वायरी यूनिट, पोर्टफोलियो, प्रोजेक्ट वर्क, क्लास की बातचीत और प्रेज़েंटेशन देखने चाहिए।

MYP में आठ विषय हैं: Language and Literature, Language Acquisition, Individuals and Societies, Sciences, Mathematics, The Arts, Design और Physical and Health Education। यहां आकलन criterion-referenced है, यानी बच्चे को तय मापदंडों पर परखा जाता है, क्लास के बाकी बच्चों से रैंकिंग नहीं होती। यह उस परसेंटेज वाले तरीके से काफ़ी अलग है जिसके ज़्यादातर भारतीय पेरेंट्स आदी हैं, इसलिए पेरेंट्स को पूछना चाहिए कि बच्चे की प्रगति की जानकारी उन्हें कैसे मिलेगी।

दो साल के डिप्लोमा प्रोग्राम में छह सब्जेक्ट ग्रुप के साथ तीन कोर हिस्से हैं: Creativity, Activity, Service, Theory of Knowledge और Extended Essay। पेरेंट्स पूछ सकते हैं कि मौजूदा बैच में कौन से विषय हैं, हर विषय में कितने बच्चे हैं और Higher Level व Standard Level के क्या विकल्प हैं।

छोटा स्कूल होने का मतलब है कि अनुभव बड़े कैंपस से अलग होगा। पूछना चाहिए कि क्लास में कितने बच्चे हैं, हर ग्रेड में कितने सेक्शन हैं, टीचर कितने टिकाऊ हैं और छोटा स्कूल कितनी एक्स्ट्रा-करिकुलर पसंद दे पाता है।

स्टूडेंट सपोर्ट इस स्कूल का मज़बूत पक्ष बताया गया है। यहां College Counsellor, प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूल काउंसलर, लर्निंग सपोर्ट और Head of Student Support Services हैं। स्कूल के मुताबिक उसके स्पेशलिस्ट परिवारों और बाहर के पेशेवरों के साथ काम करते हैं, जिनमें पीडियाट्रिशियन, साइकोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑक्यूपेशनल और स्पीच थेरेपिस्ट और साइकियाट्रिस्ट शामिल हैं। चाइल्ड सेफगार्डिंग की औपचारिक पॉलिसी है और भर्ती में बैकग्राउंड चेक और पुलिस क्लियरेंस लिया जाता है।

कैंपस में दो लाइब्रेरी, विज़ुअल आर्ट्स और म्यूज़िक स्टूडियो, डिज़ाइन वर्कशॉप, स्विमिंग पूल, स्पोर्ट्स सुविधाएं, आउटडोर एरिया, मेडिकल सेंटर, कैंटीन और स्कूल की अपनी ट्रांसपोर्ट बसें हैं। मेडिकल सेंटर में एक डॉक्टर और दो नर्स हैं। AI या रोबोटिक्स का अलग करिकुलम और फाइनेंशियल लिटरेसी का स्ट्रक्चर्ड प्रोग्राम फिलहाल पक्के तौर पर नहीं मिला, इसलिए इन्हें सीधे स्कूल से पूछकर पक्का करना होगा।

स्कूल ने 2026-27 की फीस जारी की है। भारतीय पासपोर्ट धारक पेरेंट वाले बच्चों की सालाना ट्यूशन फीस यह है: EY1 में Rs 4.67 lakh, EY2 और EY3 में Rs 8.65 lakh, Primary P1 से P5 में Rs 11.30 lakh, MYP 1 से 4 में Rs 11.96 lakh, MYP 5 में Rs 12.62 lakh, DP1 में Rs 18.51 lakh और DP2 में Rs 19.77 lakh। एप्लीकेशन फीस Rs 5,000 है। एडमिशन फीस P1 से DP2 तक Rs 2 lakh प्रति एप्लीकेशन है, जबकि Early Years में शुरू में Rs 50,000 देने होते हैं और बाकी रकम बच्चे के Primary 1 में जाने पर देनी होती है।

सिबलिंग डिस्काउंट भी है: पहले सिबलिंग पर 10 प्रतिशत और दूसरे पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत। ट्रांसपोर्ट 15 km के भीतर Rs 66,000 सालाना और 15 km से बाहर Rs 99,000 सालाना है। कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स, Model United Nations और इंटरनेशनल ट्रिप जैसी कुछ चीज़ों का खर्च अलग से लग सकता है। AY 2026-27 के एडमिशन 1 नवंबर 2026 से शुरू होने की बात स्कूल ने कही है।

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