शापूरजी पल्लोनजी को पुणे के बिल्डर ऑडिट में 100 में से 79 अंक, खरीदारों को फेज जांचने की सलाह
पुणे में शापूरजी पल्लोनजी के प्रोजेक्ट्स के ऑडिट में डिलीवरी और स्केल की तारीफ हुई, पर ग्राहकों की मिली-जुली राय और ग्रुप के रिफाइनेंसिंग पर ध्यान देने को कहा गया।
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पुणे में घर खरीदने वालों के लिए शापूरजी पल्लोनजी रियल एस्टेट के प्रोजेक्ट्स का एक ऑडिट सामने आया है। इसमें बिल्डर को 100 में से 79 अंक दिए गए हैं। ऑडिट का कहना है कि यह एक वर्किंग रिसर्च स्कोर है, पक्की रैंकिंग नहीं। नई MahaRERA फाइलिंग, कंप्लीशन सर्टिफिकेट, कोर्ट या रेगुलेटरी ऑर्डर, ऑडिटेड फाइनेंशियल जानकारी या बिल्डर का जवाब आने पर यह स्कोर बदल सकता है। सबूतों पर भरोसे को "मध्यम से ऊंचा" बताया गया है।
शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप का इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन में 150 साल से ज्यादा का इतिहास है। रेजिडेंशियल काम इसकी रियल एस्टेट शाखा देखती है। पुणे में उसके जॉयविल, वनाहा और SP Kingstown जैसे प्रोजेक्ट और टाउनशिप हैं, और Treetopia व Wildernest जैसे नए प्रोजेक्ट भी। कंपनी अपनी वेबसाइट पर 155 साल से ज्यादा की विरासत, 144 million sq.ft. का डेवलपमेंट और आठ से ज्यादा शहरों में मौजूदगी का दावा करती है। ऑडिट ने इन आंकड़ों को कंपनी के अपने दावे माना है।
ऑडिट के मुताबिक असली सवाल यह नहीं कि नाम कितना पुराना है। सवाल यह है कि वह ताकत किसी खास फ्लैट, टावर, पजेशन की तारीख, एग्रीमेंट और प्रोजेक्ट के रेगुलेटरी रिकॉर्ड में कैसे दिखती है। इसलिए ब्रांड और अलग-अलग प्रोजेक्ट को अलग करके देखा गया।
अंक इस तरह बंटे हैं: डिलीवरी में 20 में से 16, ट्रैक रिकॉर्ड में 15 में से 13, MahaRERA और रेगुलेटरी रिकॉर्ड में 15 में से 11, कंस्ट्रक्शन क्वालिटी में 10 में से 8.5, ग्राहक अनुभव में 10 में से 6.5, फाइनेंशियल मजबूती में 10 में से 6, पुणे में मौजूदगी में 10 में से 9.5, पारदर्शिता में 5 में से 4 और इनोवेशन व सस्टेनेबिलिटी में 5 में से 4.5।
पुणे में वनाहा करीब 1,000 एकड़ की टाउनशिप है, जो बावधन के पास है। जुलाई 2025 में कंपनी ने कहा था कि वहां 2,000 से ज्यादा अपार्टमेंट करीब 1,800 crore रुपये में बिक चुके हैं। उसी वक्त वनाहा वर्डेंट का एलान हुआ, जिसमें पांच एकड़ पर करीब 600 अपार्टमेंट बनेंगे और अनुमानित कमाई 800 crore रुपये की है। Treetopia 105 एकड़ का प्लॉटेड डेवलपमेंट है, जिसमें 483 प्लॉट और करीब 600 crore रुपये की अनुमानित कमाई है।
RERA के पब्लिक रिकॉर्ड जोड़ने वाले एक डेटाबेस में इस ब्रांड के 64 प्रोजेक्ट दिखते हैं। इनमें 24 पूरे और 40 चालू हैं। पूरे हुए प्रोजेक्ट्स में 96 फीसदी समय पर डिलीवर हुए, जबकि पांच प्रोजेक्ट लेट बताए गए हैं। यह आंकड़ा कई शहरों और कई कानूनी कंपनियों का मिला-जुला है, सिर्फ पुणे का नहीं। इसलिए ऑडिट इसे मोटा संकेत मानता है और हर प्रोजेक्ट का अपना MahaRERA रिकॉर्ड देखने को कहता है।
जॉयविल हिंजवडी के फेज पूरे हो चुके हैं और पजेशन करीब 2023 में हुआ। जॉयविल सेंसोरियम के फेज I से V रेडी टू मूव बताए गए हैं, जबकि फेज VI और VII का पजेशन 2026 में है। जॉयविल हडपसर एनेक्स 21 एकड़ का प्रोजेक्ट है, जिसमें 2,544 यूनिट हैं। वहां कुछ फेज तैयार हैं और कुछ का पजेशन 2027 तक जाता है। इसी वजह से ऑडिट कहता है कि एक फेज की डिलीवरी से दूसरे फेज की गारंटी नहीं मिलती।
ग्राहकों की राय मिली-जुली है। कुछ लोग लोकेशन, सिक्योरिटी, लैंडस्केपिंग और सुविधाओं की तारीफ करते हैं। कुछ लोग मेंटेनेंस, पानी, बिजली, पेमेंट, कम्युनिकेशन या कंस्ट्रक्शन की शिकायत करते हैं। वनाहा के याहवी में रहने वालों की एक पिटीशन में सेफ्टी, डिजाइन और मेंटेनेंस की कमियां उठाई गई हैं। ऑडिट इसे निवासियों की चिंता मानता है, हर आरोप का पक्का सबूत नहीं।
फाइनेंस पर ऑडिट ने सबसे ज्यादा सावधानी बरती है। उसके मुताबिक पूरे ग्रुप की माली हालत को शापूरजी पल्लोनजी रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड या किसी एक प्रोजेक्ट की कंपनी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। मार्च 2024 की जानकारी में कंपनी की कमाई 150 से 200 crore रुपये के बीच बताई गई है और कर्ज बढ़ा है। ग्रुप ने 2026 में बड़े पैमाने पर रिफाइनेंसिंग की है। ऑडिट का निष्कर्ष है कि इस पर नजर रखनी चाहिए, पर यह नहीं कहा जा सकता कि पुणे का खरीदार किसी मुश्किल में फंसे प्रोजेक्ट में पैसा लगा रहा है।
खरीदारों को सलाह है कि वे ब्रोशर पर छपे RERA नंबर को MahaRERA के मौजूदा रिकॉर्ड से मिलाएं। वे यह भी देखें कि प्रमोटर कंपनी कौन सी है, फेज और टावर कौन सा है, पजेशन की तारीख क्या है और जमीन या प्रोजेक्ट पर किसका चार्ज है। साथ ही रह रहे निवासियों से बात करें। ऑडिट खुद साफ करता है कि यह किसी प्रॉपर्टी को खरीदने या न खरीदने की सिफारिश नहीं है।
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