3 नवंबर को चलेगी हिंजेवाड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो, पीएम दिल्ली से जुड़ेंगे ऑनलाइन, 17 स्टेशन खुलेंगे
हिंजेवाड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन 3 नवंबर को होगा। 23 में से 17 स्टेशनों पर यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
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पुणे के आईटी हब हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 3 पर इंतजार अब खत्म होने वाला है। सोमवार को पीएमआरडीए के अफसरों ने साफ किया कि 3 नवंबर को इस लाइन का उद्घाटन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़कर हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद बालेवाड़ी स्टेडियम में बने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे।
यह 23.3 किलोमीटर का एलिवेटेड रूट है और इसमें कुल 23 स्टेशन हैं। लाइन हिंजेवाड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से निकलकर शिवाजीनगर पहुंचती है, जो शहर के बड़े कारोबारी और सरकारी दफ्तरों वाले इलाकों में गिना जाता है। उम्मीद है कि उद्घाटन के दिन ही यात्री सेवा भी चालू हो जाएगी, लेकिन शुरुआत में 23 में से सिर्फ 17 स्टेशन आम लोगों के लिए खुलेंगे।
पीएमआरडीए के कमिश्नर अभिजीत चौधरी ने बताया कि प्रशासन को तैयारी पूरी रखने का आदेश मिल चुका है। उन्होंने कहा, "हमें 3 नवंबर के लिए सब कुछ तैयार रखने को कहा गया है। प्रधानमंत्री ऑनलाइन जुड़ेंगे, जबकि मुख्यमंत्री और बाकी गणमान्य लोग कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे।"
सोमवार को ही पीएमआरडीए के अफसरों और प्रोजेक्ट कंपनी के नुमाइंदों की बैठक हुई, जिसमें कॉरिडोर का हाल और शुरुआत के इंतजाम परखे गए। एक सीनियर अफसर के शब्दों में, "हमने प्रोजेक्ट की तैयारी और 3 नवंबर के लिए तय रूट को चालू करने पर चर्चा की।"
स्टेशनों की मंजूरी का हिसाब यह है कि मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी सीएमआरएस 17 स्टेशनों को यात्रियों के लिए हरी झंडी दे चुका है। बालेवाड़ी के पास के दो और स्टेशनों की जांच पूरी हो गई है और उनकी मंजूरी जल्द आने की उम्मीद है। आरबीआई, सिमला चौक, महाबलेश्वर चौक और बानेर स्टेशन अब भी मंजूरी की राह देख रहे हैं। बाकी स्टेशन तभी खुलेंगे जब जरूरी इजाजत मिल जाए और काम पूरा हो जाए। इस बीच अथॉरिटी स्टेशन 13 और 14 का बचा हुआ काम भी उद्घाटन से पहले निपटाने में जुटी है।
कार्यक्रम का औपचारिक ऐलान अगले दो दिन में होने की उम्मीद है, क्योंकि विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता हटने का इंतजार है। इसी आचार संहिता की वजह से उद्घाटन की तारीख को लेकर पहले भी अनिश्चितता बनी रही।
उसी मंच से आगे के प्रोजेक्ट्स की भी शुरुआत होगी। महा-मेट्रो फेज 2 के कामों का भूमिपूजन होगा। खडकवासला से खराडी जाने वाली नई लाइन 4 की नींव रखी जाएगी। लाइन 2 को आगे बढ़ाने के दो हिस्सों का भी शिलान्यास होगा, एक वाघोली की तरफ और दूसरा चांदनी चौक की तरफ, जो क्रमशः रामवाडी और वनाज से शुरू होंगे। नल स्टॉप से मानिकबाग तक एक लिंक भी बनेगा, जो लाइन 2 और लाइन 4 को आपस में मिलाएगा।
यह प्रोजेक्ट पीएमआरडीए और पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड मिलकर पीपीपी मॉडल पर बना रहे हैं। केंद्र की 2017 की मेट्रो रेल पॉलिसी के तहत इस मॉडल पर बनने वाले देश के पहले मेट्रो कॉरिडोर में इसका नाम आता है। जमीन लेने और यूटिलिटी हटाने का खर्च जोड़कर इसकी अनुमानित लागत करीब 8,313 करोड़ रुपये बैठती है।
काम की रफ्तार शुरू से धीमी रही। पहले लक्ष्य मार्च 2025 का था, मगर बैरिकेडिंग की इजाजत, यूटिलिटी शिफ्टिंग और दूसरे निर्माण कामों में देरी हुई। फिर तारीख खिसककर सितंबर 2025 और उसके बाद मार्च 2026 तक गई। मजदूरों की कमी और सामान की सप्लाई की अड़चनों ने भी वक्त खींचा। अफसरों ने एक वक्त लाइन को चरणों में खोलने का सोचा था और पहले चरण में 12 स्टेशन रखे थे, पर सीएमआरएस की सेफ्टी मंजूरी न मिलने से उद्घाटन बार-बार टलता रहा।
इन देरियों से रोज आने-जाने वाले लोग, खासकर आईटी कर्मचारी, खीझे हुए हैं। उन्हें अब भी हिंजेवाड़ी पहुंचने के लिए जाम से भरी सड़कों का सहारा लेना पड़ता है, और दफ्तर के पीक टाइम में तो हालत और खराब रहती है। रविवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार से मांग की कि जिस हिस्से को सेफ्टी मंजूरी मिल चुकी है, उसे औपचारिक समारोह का इंतजार किए बिना ही जनता के लिए खोल दिया जाए।
उम्मीद यही है कि मेट्रो चलने पर हिंजेवाड़ी और मध्य पुणे के बीच सड़क का दबाव घटेगा और हजारों आईटी प्रोफेशनल्स को राहत मिलेगी। पीएमआरडीए ने आईटी हब में सड़कें सुधारने, ट्रैफिक संभालने और स्टेशन से घर या दफ्तर तक की आखिरी दूरी आसान करने के लिए 426 करोड़ रुपये की योजना भी मंजूर कर दी है।
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