कोजागिरी पूर्णिमा पर पुणे में दूध की मांग कम, 18 लीटर का कैन 1,300 रुपये में बिका
गणेश पेठ के थोक बाजार में शनिवार को 2,500 से 3,000 लीटर दूध पहुंचा, पर त्योहार के बावजूद खरीदारी उम्मीद से धीमी रही।
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पुणे, 25 अक्टूबर 2026: कोजागिरी पूर्णिमा पर मसाला दूध पीने की परंपरा है, फिर भी इस साल पुणे में दूध की मांग उम्मीद से कम रही। गणेश पेठ के थोक दूध बाजार में पुणे और आसपास के इलाकों से करीब 2,500 से 3,000 लीटर दूध आया। शनिवार को वहां 18 लीटर का एक कैन 1,300 रुपये में बिका।
दूध कारोबारियों का कहना है कि त्योहार से पहले दूध खरीदने की जो आम भीड़ होती है, वह इस बार कम दिखी। 18 लीटर के 1,300 रुपये के हिसाब से दूध का भाव करीब 72.22 रुपये प्रति लीटर बैठता है। पिछले साल इतने ही दूध का दाम 1,350 से 1,400 रुपये था, जबकि इस साल दशहरे के वक्त यह 1,500 रुपये तक पहुंच गया था।
इस साल कोजागिरी पूर्णिमा 25 और 26 अक्टूबर को मनाई जा रही है, यानी रविवार और सोमवार, दोनों दिन जश्न रहेगा। इस मौके पर सार्वजनिक मंडल, हाउसिंग सोसाइटी, जनप्रतिनिधि और मिठाई की दुकानें आमतौर पर बड़ी मात्रा में दूध खरीदती हैं। इस दिन मसाला दूध बनाकर बांटा जाता है और पीने से पहले चंद्रमा को दूध चढ़ाने की परंपरा भी है।
कारोबारियों के मुताबिक त्योहार दो दिन तक चलने के बावजूद मांग उम्मीद के स्तर तक नहीं पहुंची। कुछ ग्राहकों ने रविवार को दूध खरीदा, जबकि बाकी लोगों के सोमवार को खरीदने की उम्मीद थी। कारोबारियों का कहना है कि जिन सालों में त्योहार एक ही दिन पड़ता था, उनकी तुलना में इस बार थोक खरीदारी एक जगह कम सिमटी।
कारोबारियों के अनुसार सूखे के हालात का असर गणेश पेठ के थोक बाजार में आने वाले दूध पर पड़ा है। बाजार में लश्कर, अरण्येश्वर के गवलीवाड़ा, वाघोली, केसनंद और वडेबोल्हाई समेत कई इलाकों से दूध पहुंचा।
गणेश पेठ मिल्क मार्केट परचेज एंड सेल्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दामोदर उर्फ तात्यासाहेब हिंगमिरे ने कहा, "गणेश पेठ के थोक बाजार में करीब 2,500 से 3,000 लीटर दूध आया है। इस साल सूखे की वजह से आवक घटी है। सार्वजनिक मंडलों और हाउसिंग सोसाइटियों की मांग अच्छी है और कइयों ने अपनी जरूरत पहले से दर्ज करा दी थी।"
दूध कारोबारी विष्णु मोरे ने बताया कि कोजागिरी पूर्णिमा पर दाम दशहरे के मुकाबले उम्मीद से कम रहे। दशहरे पर 18 लीटर का कैन 1,500 रुपये में गया था। कारोबारियों को त्योहार में ज्यादा मांग और ऊंचे दाम की उम्मीद थी।
मांग कुछ धीमी रहने के बावजूद पुणे जिले के अलग-अलग हिस्सों से थोक बाजार में दूध आता रहा। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार के बाकी वक्त में मांग बढ़ी तो दाम थोड़े चढ़ सकते हैं।
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