गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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मुंबई-पुणे हाईवे के ढाबों पर वसूली की शिकायत, मंत्री झिरवाल ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए

मुंबई-पुणे हाईवे के ढाबों पर वसूली की शिकायत, मंत्री झिरवाल ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

रुग्ण हक परिषद के मंत्रालय के सचिव एस. मुलाणी ने अन्न और औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल को लिखित शिकायत दी है। मंत्री के दफ्तर ने 5 नवंबर 2026 को आयुक्त को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।

मुंबई-पुणे हाईवे से पश्चिम महाराष्ट्र जाने वाले हजारों यात्रियों से प्राइवेट ट्रैवल्स बस के ड्राइवरों और हाईवे के कुछ होटल-ढाबा वालों की तरफ से पैसे ऐंठे जाने का मामला सामने आया है। रुग्ण हक परिषद के मंत्रालय के सचिव एस. मुलाणी ने अन्न और औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल को लिखित निवेदन देकर यह शिकायत की है।

निवेदन में कहा गया है कि यात्रियों से खाने-पीने की चीजों के मनमाने दाम लिए जा रहे हैं, घटिया क्वालिटी का खाना परोसा जा रहा है और साफ-सफाई के नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है। मुलाणी ने इन सब बातों की गहरी जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के अन्न और औषध प्रशासन विभाग को भी लिखित शिकायत दी है और इन होटल-ढाबों पर खास जांच मुहिम चलाने को कहा है।

निवेदन के मुताबिक मुंबई से पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों की तरफ रोज बड़ी तादाद में प्राइवेट ट्रैवल्स बसें चलती हैं। ये बसें रात करीब 10 से 1 बजे के बीच हाईवे के कुछ तय होटलों और ढाबों पर रोकी जाती हैं। निवेदन में यह भी लिखा है कि कुछ जगहों पर रोज करीब 30 से 35 ट्रैवल्स बसें रुकने की जानकारी मिली है। शिकायतों में कहा गया है कि रात में यात्रियों के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होता और इसी का फायदा उठाकर खाने के दाम बढ़ाकर लिए जाते हैं।

निवेदन में ट्रैवल्स ड्राइवरों और होटल वालों के बीच कमीशन पर सांठगांठ का शक भी जताया गया है। सवाल उठाए गए हैं कि क्या खास होटल पर ही बस रोकने के पीछे पैसों का लेन-देन है, यात्रियों को दूसरे होटल में उतरने का मौका क्यों नहीं दिया जाता, और होटल वाले ड्राइवरों को किस तरह के आर्थिक फायदे देते हैं। इसकी निष्पक्ष जांच की मांग है। कमीशन के आरोप साबित हों तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। निवेदन में यह भी लिखा है कि कुछ होटल-ढाबों में खाने की क्वालिटी, किचन की सफाई, पीने के पानी की क्वालिटी और खाने के सामान के स्टोरेज को लेकर गंभीर शिकायतें मिल रही हैं।

मुलाणी ने मांग की है कि अन्न और औषध प्रशासन इन होटल-ढाबों की खास जांच करे। इसमें खाने के नमूने लेकर लैब में जांच, साफ-सफाई और अन्न सुरक्षा लाइसेंस की पड़ताल, खाने के रेट कार्ड की जांच, बिल देने के तरीके की पूछताछ और शक वाले आर्थिक लेन-देन की जांच शामिल है।

निवेदन पर दर्ज नोट के मुताबिक मंत्री नरहरी झिरवाल के दफ्तर ने 5 नवंबर 2026 को आदेश दिया कि अन्न और औषध प्रशासन विभाग के आयुक्त तुरंत कार्रवाई करें। हालांकि इन निर्देशों के बाद असल में कितने होटल-ढाबों की जांच हुई, कितने नमूने लिए गए, कितनी जगह नियम टूटते मिले और कितने कारोबारियों पर कार्रवाई होगी, यह आयुक्त तुकाराम मुंडे के आदेश के बाद ही पता चलेगा। अब यात्रियों की नजर इस पर है कि कार्रवाई सिर्फ कागज पर रहती है या जमीन पर भी दिखती है।

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