स्वाइन फ्लू के मामलों में पुणे महाराष्ट्र में सबसे आगे, दस महीने में 879 मरीज और तीन की मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अक्टूबर के बीच पुणे महानगरपालिका की सीमा में 879 मरीज दर्ज हुए, जिनमें से तीन की मौत हुई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मामले पुणे से सामने आए हैं। जनवरी से अक्टूबर के बीच पुणे महानगरपालिका की सीमा में 879 मरीज दर्ज किए गए। इनमें से तीन मरीजों की मौत हो गई।
शहर में डेंगू के मामले पहले से चल रहे हैं। अब स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़ने से पुणेकरों को एक ही समय पर दो बीमारियों से जूझना पड़ रहा है।
विभाग के आंकड़ों में दूसरे शहरों की तस्वीर भी सामने आई है। मुंबई 648 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है, उसके बाद 493 मामलों के साथ नागपुर का नंबर आता है। नाशिक में 306 मरीज मिले हैं। कोल्हापुर जिले में 128 मामले हैं, जबकि कोल्हापुर शहर में 75 और सोलापुर में 56 मामले दर्ज हुए हैं। पिंपरी-चिंचवड में 159 मरीज पाए गए हैं।
ये आंकड़े पूरे राज्य के हैं। पूरे महाराष्ट्र में जनवरी से अक्टूबर के बीच 13,10,443 लोगों की जांच की गई। इनमें से 4,375 लोग संदिग्ध मरीज पाए गए, 2,858 लोगों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई और 34 लोगों की मौत हो गई।
मौतों के मामले में नागपुर सबसे आगे है, जहां सबसे ज्यादा 23 मरीजों की जान गई है। नाशिक में आठ मरीजों की मौत हुई, पुणे में तीन और नवी मुंबई में एक मरीज की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ज्यादा जोखिम वाले लोगों को मुफ्त और स्वैच्छिक टीकाकरण दिया जा रहा है। इनमें गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज और स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं।
विभाग ने इन्फ्लूएंजा H1N1 और H3N2 से हुई मौतों की नियमित जांच करने का आदेश दिया है। विभाग का कहना है कि संदिग्ध मामलों में जांच, इलाज और दवाओं की उपलब्धता पर जोर है। सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों से कहा गया है कि वे Oseltamivir का पर्याप्त स्टॉक रखें।
इसके अलावा संदिग्ध स्वाइन फ्लू मरीजों का सर्वे किया जा रहा है। उप-जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के लिए क्वारंटीन रूम भी बनाए गए हैं।
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