पुणे में जनवरी से अक्टूबर तक स्वाइन फ्लू के 789 मामले, राज्य में सबसे ज्यादा
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राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में 10 महीनों में स्वाइन फ्लू के 2,858 मामले और 35 मौतें दर्ज हुईं। पुणे में मामले सबसे ज्यादा रहे, जबकि मौतें सबसे ज्यादा नागपुर में हुईं।
पुणे, 5 नवंबर 2026: डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच अब स्वाइन फ्लू भी पुणे के लिए एक और चिंता बन गया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच पुणे में स्वाइन फ्लू के 789 मामले सामने आए और तीन लोगों की मौत हुई। पूरे महाराष्ट्र में यह किसी भी शहर का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन 10 महीनों में पूरे महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू के 2,858 मामले दर्ज हुए और 35 लोगों की जान गई। यह संख्या 2025 के 379 मामलों से काफी ज्यादा है, लेकिन 2024 में दर्ज 1,460 मामलों से कम है।
मामलों के लिहाज से पुणे के बाद मुंबई का नंबर है, जहां 648 मामले आए। नागपुर में 413 और नाशिक में 376 मामले दर्ज हुए। पिंपरी चिंचवड में 159 मामले आए, जबकि कोल्हापुर जिले में यह संख्या 128 रही।
मौतों की बात करें तो सबसे ज्यादा 23 मौतें नागपुर में हुईं। इसके बाद नाशिक में आठ, पुणे में तीन और नवी मुंबई में एक मौत दर्ज की गई।
विभाग ने बताया कि जनवरी से अक्टूबर के बीच राज्य में 13.1 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 4,375 लोग संदिग्ध पाए गए और उनमें से 2,858 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 2024 से ज्यादा जोखिम वाले समूहों के लिए इन्फ्लुएंजा का टीका मुफ्त और स्वैच्छिक तौर पर उपलब्ध है। इन समूहों में दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
विभाग के मुताबिक संदिग्ध मरीजों पर नजर रखी जा रही है और उनके लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। जिला और उप-जिला अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में आइसोलेशन की सुविधा की गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों से कहा गया है कि वे ओसेल्टामिविर का पर्याप्त स्टॉक रखें। यह वही एंटीवायरल दवा है, जो स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होती है।
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि H1N1 और H3N2 समेत इन्फ्लुएंजा से होने वाली मौतों की नियमित समीक्षा की जाए। इसका मकसद यह देखना है कि मौत किन हालात में हुई और इलाज में कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई।
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