शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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महायुति के विवादों पर कृषिमंत्री भरणे बोले, ऊपर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मजबूत हैं

महायुति के विवादों पर कृषिमंत्री भरणे बोले, ऊपर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मजबूत हैं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे ने महायुति के विवाद, उजनी डेटा सेंटर, किसानों की वसूली और चुनाव नतीजों पर सवालों के जवाब दिए।

महायुति में लगातार हो रहे विवादों पर राज्य के कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे ने अपनी राय रखी। उनके मुताबिक ये विवाद नीचे के स्तर पर हैं, जबकि ऊपर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मजबूत हैं।

कर्जत परियोजना को लेकर दोनों ठाकरे बंधु मोर्चा निकालने वाले हैं। इस बारे में पूछे जाने पर भरणे ने कहा कि इसमें राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब फैसला लेंगे। मुख्यमंत्री और दोनों ठाकरे बंधु एक ही मंच पर आए थे, इस पर भरणे का जवाब था कि यह सवाल देवेंद्र बाबू से पूछेंगे तो बेहतर रहेगा। जिला परिषदों के मामले में उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अच्छा फैसला दिया है। इससे 22 जिला परिषदों को अध्यक्ष और पदाधिकारी मिलेंगे और वे इस फैसले का स्वागत करते हैं।

उजनी बांध पर बनने वाले AI डेटा सेंटर परियोजना का किसान जोरदार विरोध कर रहे हैं। गांव-गांव के किसान इकट्ठा होकर बैठकें कर रहे हैं। इस पर भरणे ने कहा कि सरकार की ओर से उनके अधिकारी किसानों के पास जाएं, परियोजना पर उनसे बात करें, उनके सुझाव सुनें और उनके गलत-सही अंदाजे दूर करें। भरणे के मुताबिक जब तक किसान तैयार नहीं होते, तब तक अधिकारी ये काम न करें। उन्होंने यह भी कहा कि आगे का फैसला किसानों से चर्चा करने के बाद ही लिया जाएगा।

क्या कृषिमंत्री किसानों के लिए आंदोलन करने वालों के साथ आंदोलन में उतरेंगे, यह सवाल भी उनसे पूछा गया। भरणे ने जवाब दिया कि हम सरकार हैं और हम किसानों के साथ हैं। इस परियोजना के विरोध में 31 अक्टूबर को बड़ा आंदोलन होना है। राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के विधायक रोहित पवार, सांसद धैर्यशील मोहिते पाटील और पूर्व विधायक संजयमामा शिंदे इसकी अगुवाई करेंगे।

किसानों की कर्ज वसूली पर भरणे ने कहा कि बैंकों को सूचना दी गई है कि किसानों के पीछे वसूली का तगादा न लगाएं। उनके मुताबिक ये दिन किसानों के लिए बहुत मुश्किल और संकट के हैं। मुख्यमंत्री इस बारे में आरबीआई से बात करने वाले हैं, ताकि फाइनेंस कंपनियों को सख्त हिदायत दी जाए। भरणे ने कहा कि इतना कहने के बाद भी अगर कंपनियां नहीं सुनतीं तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हम किसानों की तरफ ही रहेंगे। सौ फीसदी कानून बनाएंगे, लेकिन उससे पहले यह जानकारी लेंगे कि उन्होंने कानून के नाम पर अब तक क्या किया है। मुश्किल वक्त में सबको किसानों के पीछे खड़ा रहना चाहिए, यह भी उन्होंने कहा।

अकोला के मामले पर भरणे ने बताया कि वे खुद कलेक्टर से बात कर चुके हैं। उनके मुताबिक फाइनेंस कंपनी को बुलाकर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों पर भरणे ने कहा कि जीत जीत होती है और हार से सीखना चाहिए। उन्होंने हार मानते हुए जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई दी। पुणे स्नातक चुनाव में राष्ट्रवादी के कार्यकर्ता नजर नहीं आए, इस बात पर भरणे ने कहा कि यह आरोप बिल्कुल गलत है। उनके मुताबिक जिले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पूरी तरह सक्रिय थी। उन्होंने कहा कि हमारी प्रमुख सुनेत्रा भाभी पवार ने हमें आदेश दिए थे और सभी ने महायुति का ईमानदारी से प्रचार किया। कौन क्या कह रहा है, इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, ऐसा भी भरणे ने कहा।

संजय गायकवाड के विवादित बयान पर भरणे ने कहा कि किसी को भी ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, क्योंकि किसान मुश्किल में है। उन्होंने कहा कि वे यह बात मीडिया के जरिए सबसे कह रहे हैं। उनके मुताबिक सूखे के इस दौर में फिजूल खर्च से बचना चाहिए और कार्यक्रम कम से कम खर्च में करने चाहिए। एकनाथ शिंदे साहब अपनी पार्टी के प्रमुख हैं और वे फैसला लेंगे, ऐसा भी भरणे ने कहा।

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