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पुणे में EKA मोबिलिटी और पिनेकल ग्रुप की छह नई यूनिट शुरू, फडणवीस बोले महाराष्ट्र बनेगा EV हब

पुणे में EKA मोबिलिटी और पिनेकल ग्रुप की छह नई यूनिट शुरू, फडणवीस बोले महाराष्ट्र बनेगा EV हब तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

पुणे, 30 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र देश के अग्रणी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक बनने की राह पर है। उनके मुताबिक पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर इस इंडस्ट्री के अहम केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

फडणवीस पुणे में EKA Mobility और Pinnacle Group की छह नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, भाजपा के वरिष्ठ नेता बी. एल. संतोष, उद्योगपति डॉ. अभय फिरोदिया, EKA Mobility के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता और सुनंदा मेहता मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य सरकार वाहन निर्माताओं के साथ मिलकर बड़े हाईवे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों का पूरा नेटवर्क तैयार करेगी। चार्जिंग सुविधाएं बढ़ाने के लिए जरूरी जमीन, मंजूरियां और इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकार मुहैया कराएगी।

फडणवीस ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बढ़ने से वायु प्रदूषण घटेगा और आयातित फॉसिल फ्यूल पर देश की निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को रोजगार पैदा करने और सहायक उद्योगों के बढ़ने का बड़ा जरिया बताया। उनके मुताबिक अगले तीन साल में राज्य को करीब 50,000 इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत पड़ेगी, इसलिए उन्होंने महाराष्ट्र के निर्माताओं से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि EV इकोसिस्टम को सहारा देने के लिए बिजली उत्पादन में रिन्युएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाने पर सरकार का ध्यान है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सस्ती बिजली और पूरे राज्य में असरदार चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की कोशिश की जाएगी।

पिनेकल ग्रुप के रोजगार मॉडल की तारीफ करते हुए फडणवीस ने कहा कि उसकी एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 50 फीसदी वर्कफोर्स महिलाएं हैं। कंपनी ने उन्हें खास ट्रेनिंग और रोजगार के मौके दिए हैं। उन्होंने उस मॉडल को भी सराहा जिसमें हर कर्मचारी कंपनी का शेयरहोल्डर है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई यूनिट स्थानीय उत्पादन से महाराष्ट्र की बढ़ती EV मांग पूरी करेंगी और राष्ट्रीय EV इंडस्ट्री में राज्य की स्थिति मजबूत करेंगी।

नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में, खासकर इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों में, दुनिया का अगुआ बनने का लक्ष्य रखना चाहिए, क्योंकि देश और विदेश के बाजारों में इनके लिए बड़े मौके हैं। उनके अनुसार ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार, निर्यात और आर्थिक विकास में उसका बड़ा योगदान है। गडकरी ने कहा कि फॉसिल फ्यूल का आयात घटाना और बायोफ्यूल, इथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे देसी विकल्पों को बढ़ावा देना केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।

गडकरी ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से बैटरी टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और देसी तकनीक में निवेश करने को कहा। उन्होंने स्टार्टअप, युवा इंजीनियरों, रिसर्चरों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच ज्यादा सहयोग की भी बात कही। उनके मुताबिक निर्माताओं को बैटरी के अतिरिक्त वजन को संभालते हुए गाड़ियों की पेलोड क्षमता सुधारनी चाहिए। उन्होंने हाईवे पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और EV इस्तेमाल करने वालों के लिए बिजली सस्ती करने की जरूरत भी बताई। गडकरी ने कहा कि आने वाले सालों में पूरी तरह बायोइथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां और हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक बाजार में आ सकते हैं, और भारत को 100 फीसदी देसी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण की दिशा में काम करना चाहिए।

एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत तेजी से दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग ठिकाना बन रहा है। उनके मुताबिक आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की सोच घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी इनोवेशन और टिकाऊ मोबिलिटी को रफ्तार दे रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल, ऑटो कंपोनेंट और इंजीनियरिंग में बढ़ती क्षमता भारतीय उद्योग के बढ़ते भरोसे का नतीजा है। कुमारस्वामी ने बताया कि केंद्र सरकार की कई पहलें घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी उत्पादन और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को सहारा दे रही हैं। उन्होंने भारतीय कंपनियों से EV, बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर, हल्के मटेरियल और हाइड्रोजन तकनीक में निवेश बढ़ाने को कहा और बोले कि भारत को ग्लोबल मोबिलिटी बदलाव में सिर्फ शामिल नहीं होना चाहिए, उसकी अगुवाई भी करनी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि मजबूत औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, कुशल वर्कफोर्स और कारोबार के अनुकूल नीतियों की वजह से महाराष्ट्र, खासकर पुणे, अंतरराष्ट्रीय निवेश की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। उन्होंने VDL Group और Pinnacle Industries के जॉइंट वेंचर को पुणे के औद्योगिक विकास का अहम पड़ाव बताया। दिवंगत अजित पवार की उद्योग, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के प्रति प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी की बनाई इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही पुणे और मुंबई की सड़कों पर दिखेंगी। उन्होंने EKA Group की भी तारीफ की, जो मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, डेवलपमेंट और सॉफ्टवेयर में महिलाओं को बराबर रोजगार देता है, और महाराष्ट्र की दूसरी कंपनियों से भी ऐसा ही करने को कहा। पवार के मुताबिक पुणे के पांच मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट हजारों रोजगार पैदा कर रहे हैं और युवाओं को उद्योग के हिसाब से आधुनिक हुनर सीखने का मौका दे रहे हैं।

शुरुआती भाषण में EKA Mobility के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता ने ग्रुप के सफर, उद्योग क्षेत्र में उसके योगदान और आगे के विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग के लिए आभार भी जताया। उद्घाटन कार्यक्रम में अलग-अलग औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि, कारोबारी और नागरिक भी शामिल हुए।

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