दिवाली से पहले पुणे के बाजारों में पुलिस का पहरा बढ़ा, ट्रैफिक के लिए भी अतिरिक्त स्टाफ
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त्योहार की भीड़ को देखते हुए पुणे पुलिस ने मध्य पुणे के बाजारों में सुरक्षा और ट्रैफिक का इंतजाम कड़ा किया है।
दिवाली की खरीदारी शुरू होते ही पुणे के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए शहर की पुलिस ने मध्य पुणे के बाजार इलाकों में सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम और कड़े कर दिए हैं। पुणे जिले के अलग-अलग हिस्सों से लोग खरीदारी के लिए यहां पहुंच रहे हैं। भीड़ संभालने, चोरी की वारदातें रोकने और गाड़ियों की आवाजाही चालू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस वाले तैनात किए गए हैं।
सबसे ज्यादा भीड़ लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड, महात्मा फुले मंडई और शनिवार पेठ में देखी जा रही है। यहां लोग दिवाली का सामान खरीदने आ रहे हैं। भीड़ वाली गलियों में गहने, नकदी और दूसरी कीमती चीजों की चोरी का खतरा रहता है, और इसमें खासकर इन बाजारों में आने वाली महिलाओं को ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है।
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस की टीमों और क्राइम ब्रांच को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों में साफ दिखाई दें और नियमित गश्त करें। अफसरों से यह भी कहा गया है कि कोई संदिग्ध हरकत दिखे या चोरी की शिकायत आए, तो फौरन कार्रवाई करें।
पुराने शहर की तंग और व्यस्त सड़कों पर खरीदार, पैदल चलने वाले और गाड़ियां सब एक साथ उमड़ पड़ते हैं। इसलिए ट्रैफिक पर खास ध्यान दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने अहम चौराहों और जगहों पर अतिरिक्त स्टाफ लगाया है। ट्रैफिक वॉलंटियर भी ट्रैफिक चलाने और जाम से निपटने में उनकी मदद कर रहे हैं।
पुलिस ने अफसरों को यह भी निर्देश दिया है कि भीड़ वाली जगहों पर कोई गड़बड़ी करता या गैरकानूनी हरकत में लगा मिले, तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन ने शहर के सभी पुलिस स्टेशनों के प्रभारियों को भी हिदायत दी है कि त्योहार के दौरान चौकस रहें और कानून व्यवस्था बनाए रखें।
दुकानदारों और कारोबारियों से भी कहा गया है कि वे पुलिस का साथ दें। उनसे अपील की गई है कि बिना इजाजत सड़क किनारे सामान बेचने वालों को अपनी दुकान के ठीक सामने ठेला या स्टॉल न लगाने दें। ऐसे कब्जों से पैदल चलने वालों को दिक्कत होती है और पहले से भरी बाजार की सड़कों पर जाम और बढ़ जाता है।
त्योहार तक भीड़ बनी रहने की उम्मीद है। ऐसे में पुलिस का जोर लोगों की सुरक्षा पर भी है और इस पर भी कि पुणे के पारंपरिक बाजारों में आना-जाना आसान रहे।
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